Khatu Dham Mela 2026: खाटू धाम में बाबा श्याम जी का मेला, जानिए 5 खास बातें

WD Feature Desk

शनिवार, 28 फ़रवरी 2026 (09:59 IST)
Religious Significance of Khatu Dham: खाटू धाम में बाबा श्याम जी का मेला हर साल बहुत धूमधाम से मनाया जाता है। यह मेला राजस्थान के सीकर जिले के खाटू गांव में आयोजित होता है, जहां लाखों श्रद्धालु बाबा श्याम जी के दर्शन करने आते हैं। यहां वीर बर्बरीक की 'हारे का सहारा' के रूप में पूजा होती है। यह एक प्रमुख धार्मिक स्थल है, जो विशेष रूप से बाबा श्याम जी के मंदिर के लिए प्रसिद्ध है। यहां पर कुछ खास बातें हैं, जो इस मेले को और भी खास बनाती हैं:ALSO READ: खाटू श्याम बाबा के बारे में 7 अनसुनी बातें जो आप शायद ही जानते होंगे
 
1. शानदार भव्यता और भीड़
2. पारंपरिक आस्था और मान्यता
3. प्रसिद्ध श्याम गाना और भजन संध्या
4. लंगर का आयोजन
5. खाटू श्याम जी का प्रसिद्ध आशीर्वाद
 

1. शानदार भव्यता और भीड़

राजस्थान के सीकर में स्थित खाटू धाम मंदिर हिन्दू भक्तों के लिए एक बड़ा आस्था केंद्र है। यहां खाटू धाम में बाबा श्याम जी का मेला बहुत ही भव्य और विशाल होता है। इस मेले में लाखों श्रद्धालु आते हैं, जो बाबा के दर्शन के लिए दूर-दूर से आते हैं। खासतौर पर फरवरी महीने में और फाल्गुन द्वादशी का मुख्य मेला होता है, जो कि विशेष रूप से भव्य होता है।
 

2. पारंपरिक आस्था और मान्यता

बाबा श्याम जी की पूजा करने की एक लंबी परंपरा रही है। इस मेले के दौरान बाबा श्याम का विशेष श्रृंगार देखने लायक होता है। गुलाब, गेंदा और विदेशी आदि ताजे फूलों से बाबा का नया स्वरूप सजाया जाता है। मंदिर परिसर में इत्र की वर्षा की जाती है, जिससे पूरा वातावरण सुगंधित और दिव्य हो जाता है। भक्तों पर भी मोरपंख से 'झाड़ा' लगाया जाता है, जिसे बहुत शुभ माना जाता है। माना जाता है कि जो भी व्यक्ति शरण में आता है, बाबा उसकी सभी परेशानियों का समाधान करते हैं। बाबा की पूजा में विशेष रूप से श्याम भजन, मंत्रोच्चारण और लंगर का आयोजन होता है, जो श्रद्धालुओं को आस्था और सुख-शांति का अहसास कराता है।ALSO READ: बाबा खाटू श्याम आरती हिंदी– अर्थ, लाभ और पाठ विधि | Baba Khatu Shyam Aarti
 

3. प्रसिद्ध श्याम गाना और भजन संध्या

इस मेले में श्याम के भजन और संकीर्तन का आयोजन होता है, जो श्रद्धालुओं के दिल को छू जाते हैं। बाबा श्याम जी के प्रति भक्ति व्यक्त करने के लिए विभिन्न प्रकार के भजन और कीर्तन किए जाते हैं, जिससे वातावरण में भक्ति की लहर फैल जाती है। पूरे मेले के दौरान खाटू नगरी 'जय श्री श्याम' के जयकारों से गुंजायमान रहती है।

 

4. लंगर का आयोजन

खाटू धाम के मेले में लंगर का बहुत बड़ा महत्व है। यहां पर निःशुल्क भोजन की व्यवस्था होती है, जहां सभी श्रद्धालु एक साथ बैठकर भोजन करते हैं। यह लंगर आस्था और भाईचारे का प्रतीक है। यहां आने वाले श्रद्धालु किसी भी प्रकार के भेदभाव से मुक्त होकर एक साथ भोजन करते हैं।
 

5. खाटू श्याम जी का प्रसिद्ध आशीर्वाद

खाटू धाम में आने वाले श्रद्धालुओं का विश्वास है कि बाबा श्याम जी का आशीर्वाद उन्हें जीवन की समस्याओं से मुक्ति दिलाता है। यहां पर जो भी सच्ची श्रद्धा से बाबा के दर्शन करते हैं, उनकी मनोकामनाएं पूरी होती हैं। बाबा श्याम के दरबार में कोई भी खाली हाथ नहीं लौटता, यही विश्वास यहां के श्रद्धालुओं में है। खाटू धाम का मेला न सिर्फ आस्था का केंद्र है, बल्कि यह एक सांस्कृतिक और सामाजिक पर्व भी है, जो लोगों को एक साथ लाता है।ALSO READ: बाबा खाटू श्याम जी के दर्शन से पहले जरूर जान लें ये 5 जरूरी नियम

अस्वीकरण (Disclaimer) : चिकित्सा, स्वास्थ्य संबंधी नुस्खे, योग, धर्म, ज्योतिष, इतिहास, पुराण आदि विषयों पर वेबदुनिया में प्रकाशित/प्रसारित वीडियो, आलेख एवं समाचार सिर्फ आपकी जानकारी के लिए हैं, जो विभिन्न सोर्स से लिए जाते हैं। इनसे संबंधित सत्यता की पुष्टि वेबदुनिया नहीं करता है। सेहत या ज्योतिष संबंधी किसी भी प्रयोग से पहले विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें। इस कंटेंट को जनरुचि को ध्यान में रखकर यहां प्रस्तुत किया गया है जिसका कोई भी वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है।

वेबदुनिया पर पढ़ें

सम्बंधित जानकारी