दूसरों की रोशनी बनो....

प्यारे बच्चों,

दिवाली आ गई है। यह दिवाली ‍तुम सबके जीवन में ढेर सारा उजियारा लेकर आएं। चिंटू और चिंकी क‍ी तरह तुम सब भी इस त्योहार पर नए-नए कपड़े, ढेर सारे फुलझड़ी-पटाखे खरीदते होंगे।

लेकिन दिवाली का मतलब सिर्फ पटाखों और नए कपड़ों से ही नहीं है। सबकी दिवाली तब और अच्छे से मनेगी, जब तुम किसी दूसरे के लिए कोई अच्छा काम करोगे। दूसरों के लिए अगर एक दीपक जलाओगे तो उसकी रोशनी तुम्हें भी मिलेगी।

इसीलिए तुम अपने आस-पास किसी के बारे में सोचो। दूसरों को अपने त्योहार में शामिल करोगे तो तुम्हारा त्योहार और ज्यादा खुशनुमा हो जाएगा। अपने घर के आस-पास अकेले रहने वाले बुजुर्गों को भी खुश करने का काम तुम कर सकते हो। चाहो तो उनके साथ अपना समय बिताओ, उन्हें अच्छा लगेगा।

अगर हमारे आस-पास के बुजुर्गों को पटाखों की आवाज से परेशानी हो रही हो तो ध्यान रखो। इसके अलावा इनसे मिलती-जुलती कोई दूसरी अच्छी बात तुम कर सको तो बहुत अच्छा। अपने और दूसरों के जीवन में उजियारा फैलाओ।

सभी को दिवाली की ढेर सारी शुभकामनाएं.....

तुम्हारी दीदी
मौली

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