पर्सनल लोन से क्रेडिट स्कोर कैसे बढ़ाएं

बुधवार, 2 मई 2018 (20:08 IST)
लोन को स्वीकृत कराने में आपके क्रेडिट स्कोर की एक अहम भूमिका होती है इसलिए प्रत्येक व्यक्ति को अपने स्कोर को अच्छी रेंज में रखने की कोशिश करनी चाहिए। संभव है कि आपने क्रेडिट स्कोर से जुड़ी यह सलाह पहले भी सुनी हो कि क्रेडिट कार्ड का बुद्धिमतापूर्ण और निरंतर उपयोग आपका क्रेडिट स्कोर बढ़ाने में मददगार हो सकता है। पर क्या आपको पता है कि क्रेडिट स्कोर सुधारने का क्रेडिट कार्ड ही एकमात्र तरीका नहीं है? पर्सनल लोन भी आपको अपना क्रेडिट स्कोर बढ़ाने में मदद कर सकता है।
 
यह बात तो अधिकतर लोगों को पता है कि पर्सनल लोन एक बड़ी वित्त‍ीय मदद हो सकती है, विशेष रूप से आपात स्थितियों में। इसे प्रोसेस करते समय कम से कम औपचारिकताएं होती है और इसके लिए आपको किसी तरह के प्रमाणित करने वाली सुरक्षा या प्रतिभूति की जरूरत नहीं होती है। हालांकि यह कहा जाता है कि पर्सनल लोन एक महंगा कर्ज होता है लेकिन अगर इसे चतुराई से प्रयोग किया जाए तो यह आपके क्रेडिट स्कोर को बढ़ाने में सहायक हो सकता है।
 
अब बहुत सारे लोग इस बात पर आश्चर्य करेंगे कि पर्सनल लोन पाने के लिए एक अच्छा क्रेडिट स्कोर जरूरी है लेकिन इसके बिना सारा काम कैसे होगा। जैसा कि हम आपको पहले ही बता चुके हैं कि आपका क्रेडिट स्कोर महत्वपूर्ण है लेकिन जब आपकी लोन एप्लीकेशन का मू्ल्यांकन होता है तो यही एक पहलू ऐसा नहीं है जिसके बारे में कर्ज देने वाला (लेंडर्स) विचार करता है। इसका यह आशय भी है कि लेंडर्स उन लोगों को भी पर्सनल लोन दे सकता है जिनका स्कोर साधारण होता है बशर्ते जो पात्रता की अन्य कसौटियों पर खरे उतरते हों।
 
इन दो परिस्थितियो मे पर्सनल लोन आपके क्रेडिट स्कोर को सुधारने में मददगार हो सकता है।
 
1. ऋण समेकन (डेट कंसोलिडेशन) में 
डेट कंसोलिडेशन का अर्थ है कि बिना भुगतान किए गए क्रेडिट कार्ड बिलों या बकाया कर्ज की राशि को चुकाने के लिए एक नया कर्ज लेना जैसे कि बकाया क्रेडिट कार्ड बिल या बकाया ऋण राशि। बिना चुकाए कर्ज आपके क्रेडिट स्कोर को निरंतर कमजोर करते हैं। यदि आप एक या अधिक बढ़ती ऋण राशियों में फंस गए हैं तब आपको पर्सनल लोन लेना चाहिए। ऐसा करने से आपके बहुत सारे कर्ज के दायित्वों को एक साथ जोड़ सकते हैं। पर्सनल लोन लेने से आपके कर्ज का भुगतान अधिक व्यवस्थित हो जाएगा।
 
जब कई क्रेडिट कार्ड ऋण दायित्वों को चुकाने की बात आती है, पर्सनल लोन को सर्वाधिक संभव विकल्पों में से एक माना जा सकता है। इसके कारण नीचे दिए गए हैं: 
 
- बहुत सारे क्रेडिट कार्ड्‍स पर लगने वाली ब्याज दर की तुलना में पर्सनल लोन के लिए लगने वाली ब्याज दर कम होती है।
-विभिन्न क्रेडिट कार्ड्स पर लागू ब्याज दरों में आप बचत कर सकते हैं और इनकी बजाय आप सिंगल पर्सनल लोन ले सकते हैं।
-विभिन्न क्रेडिट कार्ड्स पर विभिन्न इएमआइज (मासिक किश्तों) की तुलना में सिंगल इएमआई को मैनेज करना ज्यादा सरल होता है।
- बकाया क्रेडिट कार्ड्‍स बिल जहां आपके क्रेडिट कार्ड स्कोर को काफी हद तक नीचे ले जाते हैं,पर्सनल लोन का नियमित भुगतान कर अपना स्कोर सुधार सकते हैं।
 
जब भी आप महसूस करें कि कर्ज का मामला हाथों से निकला जा रहा है, आपको अपने कर्जों को पर्सनल लोन से कंसोलिडेट कर लेना चाहिए क्योंकि एक खराब स्कोर की तुलना में एक औसत क्रेडिट स्कोर से लोन आसानी से मिल सकता है।

अगर आपके साथ लेट पेमेंट्‍स रिमार्क्स कुछेक महीने तक ही क्रेडिट रिपोर्ट में लगते हैं तो कर्जदाता आपको कम क्रेडिट योग्य समझ सकता है। इसलिए आप की कोशिश हमेशा ही यही होनी चाहिए कि अपने क्रेडिट कार्ड बिलों और कर्ज की किश्तों को समय से चुकाएं। अगर आप बिलों या किश्तों को कुछेक अवसरों पर ही नहीं चुका पाए हों तो इन्हें आप जितनी जल्दी संभव हो सके, पर्सनल लोन से चुकाएं।
 
2. उंचे ब्याज दर के कर्ज को चुकाएं  
क्या आपके उपर उंचे ब्याज दर वाले कर्ज का दायित्व है? अगर हां, तो आप एक कम ब्याज दर वाला पर्सनल लोन लेकर इसे चुका सकते हैं। भले ही इसे चुकाने में आपको कोई परेशानी न हो लेकिन तब भी आप उंची ब्याज दर से क्यों कर्ज चुकाएं और विशेष रूप से तब जबकि आपके पास पर्सनल लोन जैसा बेहतर विकल्प मौजूद हो।

यदि आप कम ब्याज दर पर पर्सनल लोन लेकर इसका उपयोग उंची ब्याज दर के कर्ज को चुकाने में कर सकते हैं। वह बैंक जिनमें आपका खाता हो वे आपको कम ब्याज की दरों पर अनसिक्योर्ड लोन देने को तैयार रहते हैं। इससे आपकी ब्याज लागत में कमी होगी। आपके उपर आमदनी पर कम बोझ पड़ेगा और आप समय पर अपनी इएमआई चुकाने में सफल होंगे और धीरे -धीरे आपका क्रेडिट स्कोर सुधर जाएगा।  
 
सलाह : अगर आप पर्सनल लोन लेने के बारे में सोच रहे हों तो आपको अपना क्रेडिट स्कोर बेहतर करना  चाहिए। इसके लिए आपको कुछ महत्वपूर्ण बातों को ध्यान में रखना होगा :
 
विभिन्न आवेदन न करें : अक्सर ही लोग पर्सनल लोन के लिए एक साथ कई लेंडर्स के पास एप्लाई करते हैं। लेकिन उन्हें ऐसा करने से बचना चाहिए क्योंकि आपके ऐसे व्यवहार से लेंडर्स के दिमाग में यह धारणा बन सकती है कि आपको लोन की बहुत ज़रूरत है। इसके अलावा जब भी आप किसी भी तरह की क्रेडिट, लोन या क्रेडिट कार्ड, के लिए एप्लाई करते हैं तो आपके क्रेडिट रिपोर्ट की कठिन  समीक्षा की जाती है और इससे आपके क्रेडिट स्कोर को नुकसान पहुंचता है। अगर आपकी क्रेडिट रिपोर्ट में बहुत अधिक कड़ी जांचें होती हैं तो इससे लेंडर्स पर अच्छा असर नहीं पड़ता है।
 
लोन राशि को सावधानी से तय करें : लोगों को उतना उधार लेना चाहिए जिसे वे भविष्य में आसानी से चुका सकें। चूंकि आप अपना क्रेडिट स्कोर बढ़ाने के लिए पर्सनल लोन ले रहे हैं इसलिए कर्ज की राशि बहुत विचारणीय कारण बनती है। आपके कर्ज की राशि को जरूरत के अनुरूप तय करें और फिर लोन की राशि निश्चित करें। आपके कर्ज की राशि आपकी जरूरत से अधिक नहीं होनी चाहिए।
 
अपनी ईएमआईज (मासिक किश्तों) को नियमित तौर पर चुकाएं : अगर आप अपनी मासिक किश्तों को समय पर नहीं चुकाते हैं तो आपका पर्सनल लोनक्रेडिट स्कोर बढ़ाने में सफल नहीं होगा। अगर आप अपनी किश्तों को अक्सर ही निश्चित समयावधि में चुकाने में चूक जाते हैं तो एक रिमाइंडर तय करें या बेहतर होगा कि आप ऑटो डेबिट फैसिलिटी के जरिए भुगतान करें। चूंकि पर्सनल लोन एक अनसिक्योर्ड लोन होता है जो कि आपके क्रेडिट स्कोर को सर्वाधिक प्रभावित करता है, इसलिए सुनिश्चित करें कि अपनी मासिक किश्तों का समय पर भुगतान करें। 
 
प्रिपेमेंट ना करें: अगर आपने कर्ज अपने क्रेडिट स्कोर को बढ़ाने के लिए लिया है तो आप समय सीमा के रहते ही मुगतान करें। समय से पहले भुगतान आपने पर्सनल लोन में कर्ज की जवाबदेही में राहत भले ही दे लेकिन इससे आपके क्रेडिट स्कोर को उतना अधिक लाभ नहीं होगा जितना कि होना चाहिए। कर्ज को मासिक किश्तों के जरिए कर्ज की समयावधि में लगातार चुकाने से आपकी क्रेडिट हिस्ट्री अधिक बड़ी होगी और यह आपका क्रेडिट स्कोर बढ़ाने में मदद करेगी। इसलिए आपको प्रिपेमेंट से बचना चाहिए और क्रेडिट हिस्ट्री को उतना बढ़ाना चाहिए कि संभव हो।   

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