घूसखोरी के आरोप में यूरोपीय संसद की उपाध्यक्ष गिरफ्तार

DW

सोमवार, 12 दिसंबर 2022 (18:05 IST)
-एनआर/एमजे (एपी, एएफपी)
 
इस सप्ताहांत यूरोपीय संघ की संसद में हड़कंप मच गया, जब कई वरिष्ठ अधिकारियों पर पैसे लेकर राजनीतिक फैसलों को प्रभावित करने के आरोप लगे। यूरोपीय संसद की एक उपाध्यक्ष को गिरफ्तार कर लिया गया है। यूरोपीय संसद की उपाध्यक्ष 44 साल की एवा काइली पर कतर के अधिकारियों से घूस लेकर संसद के फैसलों में गैरजरूरी दखल देने का आरोप है।
 
शनिवार को बेल्जियम की पुलिस ने संसद में घूसखोरी और पैसों के हेरफेर के आरोपों के सिलसिले में ब्रसेल्स में 16 ठिकानों पर छापे मारे थे और गिरफ्तारियां की गईं। ग्रीस की टीवी न्यूज एंकर रह चुकीं एवा काइली को उनकी पार्टी और यूरोपीय संघ के सोशलिस्ट और डेमोक्रेटिक ग्रुप ने भी निलंबित कर दिया है। ग्रीस की सरकार ने उनकी संपत्ति जब्त करने के आदेश दिए हैं। वे यूरोपीय संसद के 14 उपाध्यक्षों में से एक थीं।
 
4 लोग हिरासत में
 
जांच अधिकारियों ने 4 लोगों को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया है और जांचकर्ताओं को कहना है कि उनके पास से 6,00,000 यूरो नकद के साथ उनके कम्प्यूटर और मोबाइल फोन जब्त किए गए हैं। अभियोजकों ने पकड़े गए 4 लोगों की पहचान नहीं बताई है लेकिन इनमें कम से कम एक यूरोपीय संसद का सदस्य और दूसरा पूर्व सदस्य है।
 
11 साल बाद फिर हुआ शेंगन का विस्तार
 
यूरोपीय संसद की अध्यक्ष रॉबर्टा मेतसोला के प्रवक्ता ने शनिवार देर शाम बताया कि अध्यक्ष ने यूरोपीय संसद की उपाध्यक्ष के रूप में एवा काइली को उनकी जिम्मेदारियों, अधिकारों और कामों से तत्काल प्रभाव से मुक्त कर दिया है। प्रवक्ता ने कहा कि यह फैसला कि बेल्जियम के अधिकारियों के जरिये चल रही न्यायिक जांच की रोशनी में किया गया है। इसके अलावा और कोई जानकारी नहीं दी गई।
 
यूरोपीय संसद का इस साल का आखिरी सत्र सोमवार से फ्रांस के स्ट्रासबुर्ग में शुरू हो रहा है। ग्रीन ग्रुप के उपाध्यक्ष फिलिपे लैमबर्ट्स ने इस मामले में संसदीय जांच के साथ ही इस हफ्ते इस मुद्दे पर संसद में बहस कराने की भी मांग की है। कुछ दूसरे राजनीतिक दल भी यही मांग कर रहे हैं।
 
राजनीतिक लाभ के बदले संसद के अधिकारियों को नगद और तोहफे की पेश करने वाले शख्स किस देश के लिए यह काम कर रहा था इसकी जानकारी नहीं दी गई है। हालांकि कई सदस्यों ने इसे कतर की जांच से जोड़ा है।
 
यूरोपीय संघ के विदेश नीति प्रमुख जोसेप बोरेल ने कहा है कि यूरोपीय संसद में घूसखोरी के आरोपों ने विश्व कप के मेजबान देश की छवि खराब की है। बोरेल ने कहा है कि प्रक्रिया चल रही है, निश्चित रूप से यह खबर चिंता की बात है, बहुत, बहुत चिंता की बात है।
 
निशाने पर कतर
 
लैम्बर्ट्स ने बयान जारी कर कहा है कि ग्रीन्स, घूसखोरी और भ्रष्टाचार की कड़ी निंदा करते हैं, नकद और तोहफे से संसद में राजनीतिक रेखाएं नहीं खींची जानी चाहिए। लैम्बर्ट्स ने यह भी कहा कि उनका समूह इस हफ्ते कतर के लिए वीजा आसान बनाने के प्रस्ताव के खिलाफ वोट देगा।
 
यूरोपीय सरकार के रूप में काम करने वाले यूरोपीय आयोग ने अप्रैल में यह प्रस्ताव रखा था कि बायोमेट्रिक पासपोर्ट वाले कतर के सभी नागरिकों को संघ के देशों में कम समय के लिए बिना वीजा लिए रहने की छूट हो। इस विधेयक पर फिलहाल काम चल रहा है और इसे संसद से पास कराने की तैयारी है।
 
ग्रीस में काइली की पार्टी, सोशलिस्ट पासोक मूवमेंट फॉर चेंज ने यूरोपीय संसद में कतर पर काइली के दिए बयानों से किनारा कर लिया है। काइली ने कहा था कि वर्ल्ड कप कि वास्तव में इस बात का सबूत है कि कैसे खेल कूटनीति किसी देश में ऐतिहासिक बदलाव को हासिल कर सकती है जिसने अरब जगत की राजनीति को प्रेरित किया है। काइली ने इसी तरह की बात अंतरराष्ट्रीय लेबर ऑर्गनाइजेशन के हवाले से भी दोहराई थी कि कतर श्रम अधिकारों के मामले में अगुआ है।
 
मामला क्या है?
 
शुक्रवार के छापों के बाद बेल्जियम के अभियोजकों का कहना है कि संघीय न्यायिक पुलिस को संदेह है कि खाड़ी इलाके का कोई देश यूरोपीय संसद के आर्थिक और राजनीतिक फैसलों को प्रभावित करने की कोशिश कर रहा है। कहा गया है कि यह काम कि यूरोपीय संसद में अहम राजनीतिक या रणनीतिक महत्व रखने वाली तीसरे पक्ष को बड़ी मात्रा में नगद या बड़े तोहफे देकर किया जा रहा है।
 
शनिवार को इटली में एक छोटे मध्य वामपंथी दल आर्टिकल वन ने अपने पूर्व सदस्य पियर अंटोनियो पैनसेरी को निलंबित कर दिया। पैनसेरी पर भी इसी मामले में शामिल होने का संदेह बेल्जियम के जांचकर्ताओं ने लगाया है। पैनसेरी भी काइली के राजनीतिक गुट में शामिल हैं। इस गुट के प्रमुख इराक्से गार्सिया पेरेज ने शनिवार को ट्वीट किया है कि एवा काइली को यूरोपीय संसद के उपाध्यक्ष पद से बर्खास्त किया जाए ताकि संस्था की विश्वसनीयता और लोगों के भरोसे की रक्षा हो सके।
 
अंतरराष्ट्रीय व्यापार महासंघ के महासचिव लुगा विसेंटिनी भी इस मामले में संदेह के घेरे में हैं। संस्था की वेबसाइट पर लिखा गया है कि फिलहाल इस मुद्दे पर कुछ नहीं कहना है ज्यादा जानकारी की प्रतीक्षा है।(फोटो सौजन्य : डॉयचे वैले)
 
Edited by: Ravindra Gupta

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