देश में आज से शुरू हुई जनगणना, जानिए डिजिटल तरीके आप कैसे खुद भर सकते हैं अपनी पूरी जानकारी?

भोपाल ब्यूरो

बुधवार, 1 अप्रैल 2026 (14:32 IST)
देश में आज से जनगणना का कार्य शुरु हो गया है। भारत मेंं दुनिया की सबसे बड़ी जनगणना दो चरणों में की जाएगी, जिसका पहला चरण आज से शुरू होगा गया है। वहीं दूसरा चरण फरवरी 2027 में होगा। देश में पहली बार जनगणना डिजिटल रूप में हो रही है। जनगणना में पहली बार स्व-गणना (Self-Enumeration) का विकल्प भी दिया गया  है। मध्यप्रदेश में जनगणना का पहला चरण 15 अप्रैल से शुरु होगा। वहीं डोर-टू-डोर जनगणना का  कार्य 1 मई से शुरु होकर 30 मई तक चलेगा। प्रदेश मे 16 अप्रैल से 30 अप्रैल तक स्व-गणना की समय होगा।

दो चऱणों में जनगणना 2027
पहला चरण –
मकान सूचीकरण एवं मकानों की गणना (HLO), जो अप्रैल से सितंबर, 2026 के दौरान राज्यों/ संघ राज्य क्षेत्र की सुविधा के अनुसार 30 दिनों की अवधि में आयोजित की जाएगी। इसके साथ ही मकान सूचीकरण कार्य से पूर्व 15 दिनों की स्व-गणना (Self-Enumeration) की सुविधा भी उपलब्ध होगी। इस चरण में मकानों की स्थिति, परिवारों को उपलब्ध सुविधाओं तथा उनके पास उपलब्ध संपत्तियों से संबंधित जानकारी एकत्र की जाएगी।

दूसरा चरण – जनगणना का दूसरा चरण फरवरी 2027 में होगा, जिसमें  जनसंख्या गणना  की जाएगी। खास बात यह है कि इस दौरन ही जातियों की गणना भी की जाएगी। इस चरण में प्रत्येक व्यक्ति से जनसांख्यिकीय, सामाजिक-आर्थिक, शिक्षा, प्रवास, प्रजनन आदि से संबंधित जानकारी एकत्र की जाएगी।
 

पहली बार डिजिटल जनगणना- देश में पहली बार जनगणना डिजिटल तरीके से हो रही  है। आप मोबाइल ऐप के माध्यम से अपने स्मार्टफोन द्वारा सीधे अपना डेटा भर सकेंगे। जनगणना के  दोनों चरणों में स्व-गणना के लिए ऑनलाइन सुविधा उपलब्ध होगी। मोबाइल ऐप एवं स्व-गणना पोर्टल हिंदी एवं अंग्रेज़ी सहित 16 भाषाओं में उपलब्ध है।। स्व-गणना के लिए, व्यक्ति अपने मोबाइल नंबर एवं अन्य मूलभूत विवरणों के माध्यम से पोर्टल में लॉग-इन कर अपनी सुविधा अनुसार जनगणना फॉर्म भर सकते हैं। सफल सबमिशन के बाद एक विशिष्ट स्व-गणना आईडी (SE ID) प्राप्त होगी, जिसे प्रगणक (जनगणना कर्मचारी) के साथ साझा करना होगा। स्व-गणना सुविधा से लोगों को प्रगणक केआने से पहले अपनी सुविधा अनुसार जानकारी भरने की स्वतंत्रता मिलेगी। प्रगणक (जनगणना कर्मचारी) अपने आवंटित ब्लॉकों में घर-घर जाकर गणना करेंगे, जबकि स्व-गणना इस बार एक अतिरिक्त सुविधा के रूप में प्रदान की गई है।

स्वगणना (Self-Enumeration) का तरीका-एसई पोर्टल पर जाएं (se.census.gov.in) → मोबाइल नंबर से लॉग-इन करें → मानचित्र पर स्थान चिन्हित करें → परिवार का विवरण भरें → जानकारी सबमिट करें → SE ID प्राप्त करें → प्रगणक को SE ID दें → डेटा को पुष्टि कर जनगणना में सम्मिलित किया जाएगा
 

मध्यप्रदेश में डोर-टू-डोर जनगणना का कार्य 1 मई से शुरु होकर 30 मई तक चलेगा और 16 अप्रैल से 30 अप्रैल तक स्व-गणना की समय निर्धारित है।इस दौरान जनगणना निदेशालय की ओर से तैयार सेल्फ एन्यूमरेशन पोर्टल http://www.se.census.gov.in पर मप्र की विंडो खुलेगी। आम लोग 16 से 30 अप्रैल तक स्व-गणना  सुविधा का लाभ उठाते हुए खुद ही अपनी जानकारी ऑनलाइन दर्ज कर सकेंगे।  प्रदेश में जनगणना के काम में 1 मई से 1 लाख 90 हजार कर्मचारियों  की ड्यूटी लगाई गई है, जो मकानों की स्थिति, परिवारों को उपलब्ध सुविधाओं तथा उनके पास उपलब्ध संपत्तियों से संबंधित जानकारी एकत्र करेंगे। एक प्रगणक के जिम्मे औसतन 200 मकानों की गणना का जिम्मा होगा।

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