Independence Day : 73वें स्वतंत्रता दिवस पर PM मोदी के भाषण की 15 खास बातें

वेबदुनिया न्यूज डेस्क

गुरुवार, 15 अगस्त 2019 (16:52 IST)
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 73वें स्वतंत्रता दिवस पर लाल किले की प्राचीर से अपने भाषण में देश के विकास को लेकर अपनी सरकार के लक्ष्यों को जनता के सामने रखा। करीब 95 मिनट के अपने भाषण में पीएम मोदी ने ऐलान किया कि सैन्य सुधार के क्षेत्र में बड़ा कदम उठाते हुए ‘चीफ ऑफ डिफेंस स्टॉफ’ (सीडीएस) चीफ बनाया जाएगा। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के भाषण की 15 खास बातें-
 
1. जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 के कई प्रावधान हटाने और राज्य को दो केंद्रशासित प्रदेशों में बांटने के सरकार के कदम की पृष्ठभूमि में मोदी ने कहा कि जम्मू-कश्मीर के लोगों के सपनों को पंख लगाना उनकी सरकार की जिम्मेदारी है। हमारा कोई निजी एजेंडा नहीं है। देशवासियों ने जो काम दिया, हम उसे पूरा कर रहे हैं। हम समस्याओं को टालते भी नहीं और पालते भी नहीं हैं। अब न टालने का समय है और न ही पालने का समय है। सरकार बनने के 70 दिनों भीतर संसद के दोनों सदनों ने अनुच्छेद 370 और 35ए को हटाने के निर्णय का अनुमोदन किया।
2. प्रधानमंत्री ने कहा कि जो लोग अनुच्छेद 370 की वकालत कर रहे हैं उनसे देश पूछ रहा है कि अगर यह इतना ही महत्वपूर्ण था तो इसे आप लोगों ने स्थायी क्यों नहीं किया ? अस्थायी क्यों बनाए रखा ?’ नई सरकार को 10 हफ्ते भी नहीं हुए हैं, लेकिन इस छोटे से कार्यकाल में सभी क्षेत्रों में हर प्रयास को बल दिया गया है, हम पूरे समर्पण के साथ सेवारत हैं।
3. पाकिस्तान का नाम लिए बगैर पीएम ने कहा कि आतंकवाद का निर्यात करने वालों का असली चेहरा दुनिया के सामने लाना है। उन्होंने कहा कि आतंकवाद को पनाह देने वाले, आतंकवाद को प्रोत्‍साहन देने वाले, आतंकवाद का निर्यात करने वाले, ऐसी सारी ताकतों को दुनिया के सामने उनके सही स्‍वरूप में प्रस्‍तुत करना है। इसके लिए दुनिया की ताकत को जोड़कर आतंकवाद को नष्‍ट करने के प्रयासों में भारत अपनी भूमिका अदा करे, हम यही चाहते हैं। 
4. मोदी ने देश में जनसंख्या विस्फोट पर चिंता जताते हुए कहा कि यह आने वाली पीढ़ियों के लिए नई चुनौतियां पेश करता है। मोदी ने कहा कि इससे निपटने के लिए केन्द्र और राज्य सरकारों को कदम उठाने चाहिए। बेतहाशा बढ़ रही जनसंख्या चिंता का विषय है और समाज का एक छोटा वर्ग जो अपना परिवार छोटा रखता रहा है, वह सम्मान का हकदार है। जो वे कर रहे हैं वह एक प्रकार की देशभक्ति है। अगर जनता शिक्षित और स्वस्थ है तो देश भी शिक्षित और स्वस्थ बनेगा। 
5. तीन तलाक के खिलाफ हाल ही में संसद से पारित विधेयक का उल्लेख करते हुए पीएम ने कहा कि मुस्लिम महिलाओं को न्याय दिलाने के लिए तीन तलाक के खिलाफ कानून बनाया गया और आतंकवाद के खिलाफ मजबूती से लड़ाई लड़ने के लिए आतंकवाद विरोधी कानून में संशोधन भी किया गया।
6. मोदी ने महत्वपूर्ण ऐलान करते हुए कहा कि सेना के तीन अंगों के प्रमुख के तौर पर ‘चीफ ऑफ डिफेंस स्टॉफ’ (सीडीएस) का पद सृजित किया जाएगा। सीडीएस सेना के तीनों अंगों के बीच तालमेल सुनिश्चित करेगा और उन्हें प्रभावी नेतृत्व देगा।
7. प्रधानमंत्री ने लोकसभा और विधानसभा के चुनाव एक साथ कराने की जरूरत पर एक बार फिर जोर देते हुए कहा कि ‘एक राष्ट्र, एक चुनाव’ की अवधारणा देश को महान बनाने के लिए आवश्यक है।
8. जीएसटी ने ‘एक देश, एक कर‘ के सपने को सच किया और भारत ने ऊर्जा के क्षेत्र में एक देश, एक ग्रिड की उपलब्धि भी हासिल की है  भ्रष्टाचार और कालाधन समाप्त करने के लिए उठाया गया हर कदम स्वागत योग्य है क्योंकि इन समस्याओं के कारण देश को पिछले 70 साल में बहुत नुकसान हुआ है। उन्होंने कहा कि हम हमेशा ईमानदारी को पुरस्कृत करेंगे।
9. पीएम मोदी ने निवेश के माध्यम से आर्थिक वृद्धि के पांच साल के एक सपने को लेकर प्रतिबद्धता जताई। उन्होंने कहा कि सरकार भारत को 5,000 अरब डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाने का लक्ष्य हासिल करने के लिए बुनियादी ढांचे के विकास पर 100 लाख करोड़ रुपये का निवेश करेगी। उन्होंने देश के विकास में उद्योग जगत की भूमिका के महत्व को पुन:रेखांकित करते हुए कहा कि संपत्ति सृजित करने वाले लोग देश की पूंजी हैं, उन्हें संदेह की नजर से नहीं देखा जाना चाहिए। 
10. प्रधानमंत्री ने विकास कार्यों को लेकर आम जन की सोच में आए बदलाव का उल्लेख करते हुए कहा कि आज सामान्‍य नागरिक रेलवे स्‍टेशन मिलने से संतुष्‍ट नहीं है, वह तुरंत पूछता है, वंदे भारत एक्सप्रेस हमारे इलाके में कब आएगी? उसकी सोच बदल गई है।
11. पीएम मोदी ने घरेलू पर्यटन क्षेत्र में सुधार की विशाल संभावनाओं का उल्लेख करते हुए लोगों से 2022 तक देश में कम से कम 15 पर्यटन-स्थलों का भ्रमण करने का आह्वान किया।
12. पीएम मोदी ने देश से इस्तेमाल कर फेंके गए प्लास्टिक से मुक्ति दिलाने के लिए अभियान छेड़ने का आह्वान करते हुए कारोबारी, किसान, मजदूर और नगर निकाय आदि सभी से इसमें सहयोग करने की अपील की। 
13. प्रधानमंत्री ने कहा कि पानी के संकट को दूर करने के प्रयास के तहत ‘जल जीवन मिशन’ को आगे बढ़ाया जाएगा और आने वाले वर्षों में इसके तहत साढ़े तीन लाख करोड़ रुपए से अधिक की राशि खर्च की जाएगी।
14. मोदी ने कहा कि पिछले पांच वर्षों में 1450 गैर जरूरी कानूनों को खत्म किया गया और उनके दूसरे कार्यक्रम में ही अब तक 60 कानूनों को खत्म किया गया है।
15. किसानों और छोटे व्यापारियों को 60 वर्ष की आयु के बाद आर्थिक सहारा देने के लिए पेंशन का प्रावधान किया गया है। जल संकट से निपटने के लिए, केंद्र और राज्य सरकार मिलकर योजनाएं बनाएं। इसके लिए एक अलग जल शक्ति मंत्रालय का गठन किया गया है।

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