क्या धीरे-धीरे चलन से बाहर हो रहा है 2000 का नोट?

शुक्रवार, 27 मई 2022 (18:57 IST)
मुंबई। 2000 रुपए के बैंक नोट की संख्या में पिछले कुछ साल से गिरावट का सिलसिला जारी है। इस साल मार्च अंत तक चलन वाले कुल नोट में इनकी हिस्सेदारी घटकर 214 करोड़ या 1.6 प्रतिशत रह गई। इससे ऐसा लगता है कि आने वाले समय में 2000 रुपए का नोट चलन से खुद-ब-खुद बाहर हो जाएगा। नोटबंदी के बाद सरकार ने 1000 और 500 रुपए के नोट बंद कर दिए थे। इसके बाद 2000 रुपए का नोट बाजार में आया था और 500 रुपए का भी नया नोट पुराने के स्थान पर लाया गया था। 
 
आरबीआई की वार्षिक रिपोर्ट के मुताबिक इस साल मार्च तक सभी मूल्य वर्ग के नोटों की कुल संख्या 13 हजार 53 करोड़ थी। इससे एक साल पहले इसी अवधि में यह आंकड़ा 12,437 करोड़ था। भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) की वार्षिक रिपोर्ट के मुताबिक मार्च 2020 के अंत में चलन में शामिल 2000 रुपए के मूल्यवर्ग वाले नोटों की संख्या 274 करोड़ थी। यह आंकड़ा चलन में कुल करेंसी नोटों की संख्या का 2.4 प्रतिशत था।
 
इसके बाद मार्च 2021 तक चलन में शामिल 2000 के नोटों की संख्या घटकर 245 करोड़ या दो प्रतिशत रह गई। पिछले वित्त वर्ष के अंत में यह आंकड़ा 214 करोड़ या 1.6 प्रतिशत तक रह गया।
 
उपरोक्त आंकड़े मात्रा के लिहाज से हैं। यदि मूल्य के संदर्भ में बात करें तो मार्च 2020 में 2000 रुपए के नोट का कुल मूल्य, सभी मूल्यवर्ग के नोटों के कुल मूल्य का 22.6 प्रतिशत था। मार्च 2021 में यह आंकड़ा घटकर 17.3 प्रतिशत और मार्च 2022 में 13.8 प्रतिशत रह गया।
 
रिपोर्ट के अनुसार इस साल मार्च के अंत में 500 रुपए के नोटों की संख्या बढ़कर 4,554.68 करोड़ हो गई, जो एक साल पहले इसी अवधि में 3,867.90 करोड़ थी। मात्रा के लिहाज से चलन में सबसे अधिक 500 रुपए के नोट (34.9 प्रतिशत) थे। इसके बाद 21.3 प्रतिशत के साथ 10 रुपये के नोटों का स्थान रहा।
 
रिपोर्ट के अनुसार सभी मूल्य वर्ग में चलन वाली मुद्रा का कुल मूल्य इस साल मार्च में बढ़कर 31.05 लाख करोड़ रुपए पहुंच गया जो मार्च 2021 में 28.27 लाख करोड़ रुपए था। 
 
नहीं छपे नए नोट : इस बात से ऐसा लग रहा है कि 2000 रुपए का नोट धीरे-धीरे चलन से बाहर हो जाएगा। 2021 की रिपोर्ट के मुताबिक 2019-20 और 2020-21 में 2000 रुपए के नोटों की छपाई का ऑर्डर नहीं दिया गया था। उल्लेखनीय है कि पहले भी कई विशेषज्ञ 2000 के नोट को लेकर बोल चुके हैं, यह धीरे-धीरे चलन से बाहर हो जाएगा। स्वामी रामदेव समेत कई अन्य लोग भी इस नोट को बंद करने की मांग कर चुके हैं।

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