IMD: केरल में समय पूर्व पहुंच सकता है मानसून, 21 मई से अंडमान निकोबार द्वीप समूह में

शनिवार, 15 मई 2021 (08:45 IST)
नई दिल्ली। केरल में दक्षिण-पश्चिम मानसून समय पूर्व 31 मई को पहुंच सकता है। आमतौर पर राज्य में मानसून 1 जून को आता है। भारत मौसम विज्ञान विभाग ने शुक्रवार को यह जानकारी दी। मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) की ओर से बताया गया कि इस वर्ष दक्षिण-पश्चिम मानसून केरल में 31 मई को पहुंच सकता है, हालांकि इस अनुमान में 4 दिन कम या ज्यादा भी हो सकते हैं।

ALSO READ: Weather Alert : आईएमडी ने दी चक्रवाती तूफान की चेतावनी, दक्षिण कोंकण, गोवा में भारी बारिश का अनुमान
 
भारतीय मानसून क्षेत्र में मानसून की शुरुआती बारिश दक्षिण अंडमान सागर से होती है और उसके बाद मानसूनी हवाएं उत्तर-पश्चिम दिशा में बंगाल की खाड़ी की ओर बढ़ती हैं। मानसून की नई सामान्य तारीखों के मुताबिक दक्षिण-पश्चिम मानसून 22 मई के आसपास अंडमान सागर में पहुंचेगा। अरब सागर के ऊपर चक्रवात बनने के आसार हैं, ऐसे में सागर के ऊपर भूमध्यरेखा से गुजरने वाली दक्षिण पछुआ हवाएं तेज हो गई हैं।

भूमध्यरेखा से गुजरने वाली हवाओं के 20 मई से बंगाल की खाड़ी में मजबूत और तेज होने के आसार हैं और 21 मई से बंगाल की खाड़ी तथा अंडमान निकोबार द्वीप समूह में बारिश होने का अनुमान है। अत: मानसून 21 मई से अंडमान निकोबार द्वीप समूह में आ सकता है। विभाग ने इस वर्ष दक्षिण-पश्चिम मानसून के सामान्य रहने का अनुमान जताया है। देश में 75 फीसदी बरसात दक्षिण-पश्चिम मानसून के कारण होती है।

ALSO READ: Weather Alert: पंजाब, हरियाणा में चलेगी धूलभरी आंधी, यूपी में छिटपुट बारिश की संभावना

चक्रवाती तूफान का अंदेशा : स्काईमेट से प्राप्त समाचार के अनुसार लक्षद्वीप और उससे सटे दक्षिण पूर्व अरब सागर के ऊपर गहरे कम दबाव का क्षेत्र तनाव में बदल गया है। यह आज 15 मई तक चक्रवाती तूफान ताऊ ते बन सकता है। इसके उत्तर उत्तर पश्चिम दिशा में आगे बढ़ने तथा और अधिक सशक्त होने की उम्मीद है। चक्रवाती तूफान 18 मई की शाम तक गुजरात और उससे सटे पाकिस्तान पहुंचने की उम्मीद है। पश्चिमी विक्षोभ लद्दाख और आसपास के क्षेत्र पर बना हुआ है।
 
एक चक्रवाती हवाओं का क्षेत्र निचले स्तरों में दक्षिण-पूर्वी मध्यप्रदेश में है। इस चक्रवाती हवाओं के क्षेत्र से एक दवा की रेखा विदर्भ, तेलंगाना और रायलसीमा होते हुए दक्षिण तमिलनाडु तक जा रही है। एक और निम्न दबाव की रेखा दक्षिण पूर्व मध्यप्रदेश से झारखंड और गंगीय पश्चिम बंगाल होते हुए असम तक जा रही है। मध्य पाकिस्तान के ऊपर भी एक चक्रवाती हवाओं का क्षेत्र बना हुआ है।

ALSO READ: Weather Alert : पश्चिमी विक्षोभ एक्टिव होने से इन राज्यों में हो सकती है बारिश
 
केरल और लक्षद्वीप में हुई भारी बारिश : पिछले 24 घंटों के दौरान, केरल और लक्षद्वीप के कई हिस्सों में भारी से बहुत भारी बारिश हुई। आंतरिक तमिलनाडु, दक्षिण कर्नाटक, ओडिशा, असम और अरुणाचल प्रदेश के कुछ हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश बारिश के साथ कुछ स्थानों पर भारी बारिश हुई।
 
रायलसीमा, आंध्रप्रदेश के उत्तरी तट, छत्तीसगढ़, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, उत्तर-पूर्व भारत के बाकी हिस्सों और गंगीय पश्चिम बंगाल में हल्की से मध्यम बारिश हुई। पंजाब, हरियाणा, जम्मू-कश्मीर, गिलगित बाल्टिस्तान, हिमाचल प्रदेश, लद्दाख, उत्तरप्रदेश, बिहार, झारखंड, उपहिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम में हल्की बारिश के साथ 1-2 स्थानों पर मध्यम बारिश और गरज के साथ बौछारें पड़ीं। मध्यप्रदेश तथा उत्तर और उत्तर-पूर्व राजस्थान के कुछ हिस्सों हल्की बारिश हुई।
 
अगले 24 घंटों के मौसम का अनुमान : अगले 24 घंटों के दौरान, लक्षद्वीप, केरल, कर्नाटक, आंतरिक तमिलनाडु के कुछ हिस्सों और कोंकण और गोवा में भारी से बहुत भारी बारिश हो सकती है।  (एजेंसियां)

वेबदुनिया पर पढ़ें

सम्बंधित जानकारी