Narendra Modi at TV9 Summit: प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी (Narendra Modi) ने शुक्रवार को कहा कि भारत आज वैश्विक व्यवस्था में सिर्फ भागीदारी ही नहीं कर रहा है बल्कि भविष्य को आकार दे रहा है और उसे सुरक्षित करने में भी योगदान दे रहा है। टीवी9 शिखर सम्मेलन (TV9 Summit) को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री ने यह भी कहा कि अतीत में दुनिया ने देखा है कि दूसरे विश्वयुद्ध के बाद जब भी कोई वैश्विक संगठन बना तो उसमें कुछ देशों का ही एकाधिकार रहा।
जलवायु परिवर्तन पर सकारात्मक प्रभाव पड़ेगा : उन्होंने कहा कि इस पहल का जलवायु परिवर्तन पर सकारात्मक प्रभाव पड़ेगा और इससे 'ग्लोबल साउथ' के देशों की जरूरतों की रक्षा करने में मदद मिलेगी। मुझे यह बताते हुए खुशी हो रही है कि 100 से अधिक देश पहले ही इस प्रयास से जुड़ चुके हैं। 'ग्लोबल साउथ' शब्द का इस्तेमाल आमतौर पर आर्थिक रूप से कम विकसित देशों को संदर्भित करने के लिए किया जाता है।
उन्होंने कहा कि लोग जानना चाहते हैं कि आखिर ऐसा क्या हुआ कि जो देश 70 साल में 11वें नंबर की अर्थव्यवस्था बना और महज 7-8 साल में 5वें नंबर की अर्थव्यवस्था बन गया। उन्होंने कहा कि आईएमएफ के नए आंकड़े सामने आए हैं। ये आंकड़े कहते हैं कि भारत, दुनिया की एकमात्र प्रमुख अर्थव्यवस्था है जिसने 10 वर्षों में अपने सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) को दोगुना किया है। बीते दशक में भारत ने 2 लाख करोड़ डॉलर अपनी अर्थव्यवस्था में जोड़े हैं।
प्रधानमंत्री ने कहा कि आज दुनिया की सबसे बड़ी युवा आबादी भारत में है और ये युवा, तेजी से कौशल हासिल कर रहे हैं और नवोन्मेष को गति दे रहे है। उन्होंने कहा कि इन सबके बीच भारत की विदेश नीति का मंत्र बन गया है- राष्ट्र प्रथम। एक जमाने में भारत की नीति थी- 'इक्वी डिस्टेंस' (सबसे समान रूप से दूरी बनाकर चलो)। आज के भारत की नीति है- 'इक्वी क्लोजनेस' (सबसे समान रूप से करीब होकर चलो) की नीति।(भाषा)