राफेल मामले में राहुल गांधी का नया बम धमाका

शुक्रवार, 14 दिसंबर 2018 (19:10 IST)
नई दिल्ली। राफेल मामले में सुप्रीम कोर्ट द्वारा मोदी सरकार को क्लीन चीट देने के बाद भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के अध्यक्ष राहुल गांधी ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस लेकर कहा कि इस मामले में जांच कराई जाएगी तो भारत के प्रधानमंत्री का सच उजागर होगा। हिन्दुस्तान के प्रधानमंत्री के अनिल अंबानी दोस्त हैं और चौकीदार चोर है।
 
 
राहुल ने सवाल खड़ा किया कि पीएसी की रिपोर्ट सामने क्यों नहीं आई? मोदी ने अनिल अंबानी को फायदा पहुंचाया है। रिपोर्ट में अनिल अंबानी और मोदी का नाम निकलेगा। राफेल की कीमत पर सवाल अब भी है। राफेल में भ्रष्टाचार हुआ है। पूरा हिन्दुस्तान समझता है कि चौकीदार चोर है। जिस दिन राफेल मामले में इंक्वायरी होगी, उस दिन अनिल अंबानी और नरेन्द्र मोदी के नाम निकलेंगे।
 
 
राफेल मामले पर सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद राहुल गांधी ने शुक्रवार को इस विमान सौदे में भ्रष्टाचार होने का आरोप फिर दोहराया और कहा कि नरेन्द्र मोदी सरकार बताए कि इस मामले पर कैग की रिपोर्ट कहां है जिसका उल्लेख शीर्ष अदालत में किया गया है।
 
 
गांधी ने इस मामले की संयुक्त संसदीय समिति (जेपीसी) से जांच की मांग करते हुए कहा कि अगर यह जांच हो गई तो प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और उद्योगपति अनिल अंबानी का नाम ही सामने आएगा। उन्होंने कहा कि सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि पीएसी (लोक लेखा समिति) को कैग रिपोर्ट दी गई है, जबकि पीएसी को कोई रिपोर्ट नहीं मिली।
 
 
कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि ये कैसे हो सकता है कि जो कैग रिपोर्ट फैसले की बुनियाद है वो पीएसी में किसी को नहीं दिखी लेकिन उच्चतम न्यायालय में दिखी?
 
 
उन्होंने कहा कि जब कोई झूठ बोलता है तो वह कहीं-न-कहीं नजर आ जाता है। अब सरकार हमें बताए कि सीएजी रिपोर्ट कहा है? हमें यह दिखाएं। गांधी ने आरोप लगाया कि मोदीजी ने संस्थाओं की धज्जियां उड़ा दी हैं। सच्चाई यह है कि यहां पर 30 हजार करोड़ रुपए की चोरी हुई है। देश का चौकीदार चोर है। प्रधानमंत्रीजी ने अनिल अंबानी को 30 हजार करोड़ रुपए की चोरी कराई है।
 
 
उन्होंने कहा कि मोदीजी जितना छिपना है, छिप लें। जिस दिन जेपीसी की जांच हो गई उस दिन दो नाम निकलेंगे- अनिल अंबानी और नरेन्द्र मोदी।
 
 
इससे पहले अरुण जेटली ने प्रेस कॉफ्रेंस कर वित्तमंत्री राफेल डील के संबंध में आए सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद कांग्रेस द्वारा राफेल पर जनता के बीच झूठ फैलाए जाने पर हमला बोला। अरुण जेटली ने कहा कि कांग्रेस ने राफेल डील पर झूठ फैलाया। झूठ की उम्र बहुत कम होती है। झूठ बोलने वालों की हार हुई। कोर्ट ने माना कि राफेल डील के लिए 74 मीटिंग्स हुईं। इसमें किसी प्रकार का भ्रष्टाचार नहीं हुआ।
 
 
अरुण जेटली ने कहा कि कांग्रेस ने राष्ट्रीय सुरक्षा पर सवाल उठाए थे। यूपीए से सस्ती डील मोदी सरकार में हुई थी। राफेल पर सरकार की सभी दलीलें सही साबित हुईं। साबित हो गया है कि देशहित में हुई राफेल डील।
 
 
भाजपा का आरोप है कि राफेल डील पर राहुल गांधी ने देश की जनता के बीच झूठ फैलाया, इसके लिए उन्हें देश के सामने माफी मांगना चाहिए। इसी बीच भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह ने कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी पर निशाना साधते कहा कि सर्वोच्च न्यायालय के फैसले का हम स्वागत करते हैं। आज सत्य की जीत हुई है। भाजपा अध्यक्ष ने कहा कि आज सिद्ध हो गया है चोर-चोर वही चिल्लाते हैं जिनको चौकीदार का भय होता। राहुल गांधी देश की जनता को जवाब दें कि वो किस आधार पर देश की जनता को गुमराह कर रहे थे? मैं राहुल गांधी से पूछना चाहता हूं कि उन्होंने राफेल सौदे में देरी क्यों की? कोर्ट में याचिकाकर्ता क्यों नहीं बने राहुल गांधी? राहुल गांधी राफेल पर खुद सुप्रीम कोर्ट क्यों नहीं गए?
 
 
गौरतलब है कि सुप्रीम कोर्ट ने फ्रांस से 36 राफेल लड़ाकू विमानों की खरीद के मामले में नरेन्द्र मोदी सरकार को शुक्रवार को क्लीन चिट दे दी। साथ ही शीर्ष अदालत ने सौदे में कथित अनियमितताओं के लिए सीबीआई को प्राथमिकी दर्ज करने का निर्देश देने का अनुरोध करने वाली सभी याचिकाओं को खारिज किया।
 
 
प्रधान न्यायाधीश रंजन गोगोई, न्यायमूर्ति संजय किशन कौल और न्यायमूर्ति केएम जोसेफ की पीठ ने कहा कि अरबों डॉलर कीमत के राफेल सौदे में निर्णय लेने की प्रक्रिया पर संदेह करने का कोई कारण नहीं है। ऑफसेट साझेदार के मामले पर 3 सदस्यीय पीठ ने कहा कि किसी भी निजी फर्म को व्यावसायिक लाभ पहुंचाने का कोई ठोस सबूत नहीं मिला है।

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