कोटकपूरा गोलीकांड: पूर्व सीएम प्रकाश सिंह बादल के आवास पहुंची SIT टीम

मंगलवार, 22 जून 2021 (11:53 IST)
कोटकपूरा गोलीकांड मामले में पूछताछ करने के लिए एसआईटी मंगलवार को पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री और शिअद संरक्षक प्रकाश सिंह बादल के चंडीगढ़ स्थित आवास पहुंची। बादल का स्वास्थ्य ठीक नहीं है। इसलिए वे चंडीगढ़ स्थित विधायक आवास में एसआईटी के सवालों के जवाब देंगे।

अक्टूबर 2015 में हुए कोटकपूरा गोलीकांड मामले में पूछताछ के लिए 9 जून को नई एसआईटी ने पूर्व मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल को समन भेजकर 16 जून को पेश होने के लिए कहा था। सोमवार को बादल की तबीयत खराब हो गई। इसके बाद शिअद की ओर से बयान दिया गया कि वह 22 जून को एसआईटी के समक्ष सेक्टर-4 स्थित विधायक आवास में एसटीआई के सवालों के जवाब देंगे।

रविवार 20 जून को शिअद के वरिष्ठ नेता हरचरन बैंस ने ट्वीट कर पूर्व मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल के स्वास्थ्य को लेकर जानकारी साझा की थी। उन्होंने कहा था कि, पूर्व मुख्यमंत्री का स्वास्थ्य अभी ठीक नहीं है, सीके बाद भी वह 22 जून को एसआईटी के सवालों के जवाब देंगे।

Five time Punjab CM Sardar Parkash Singh Badal will appear before SIT at his Official MLA Flat in Sector 4 in Chandigarh at 10.30 am on June 22. Still not in good health, Mr Badal however is keen to fulfill his legal& constitutional duties as a law abiding citizen of the country

— Harcharan Bains (@Harcharan_Bains) June 20, 2021
 
जानकारी के लिए बता दें कि अक्टूबर 2015 में श्री गुरुग्रंथ साहिब की बेअदबी के बाद प्रदर्शन कर रहे प्रदर्शनकारियों पर कोटकपूरा में गोलियां चलाई गई थीं। उस समय प्रकाश सिंह बादल पंजाब के मुख्यमंत्री थे। इस मामले में एसआईटी ये पता लगाएगी कि गोली आखिर किसके आदेश पर चलाई गई थी।

साल 2015 में अक्टूबर के महीने में फरीदकोट में गुरुग्रंथ साहिब के पन्ने बिखरे पाए गए थे। यह स्थिति जब लोगों को पता चली तो सिखों ने विरोध प्रदर्शन करना शुरू कर दिया था। यह विरोध प्रदर्शन इतना उग्र हो गया कि कोटकपूरा पुलिस ने प्रदर्शनकारियों पर गोलीबारी की।

पुलिस फायरिंग के दौरान दो लोगों की मौत हो गई थी, वहीं कई लोग गंभीर रूप से घायल हो गए थे। अब एसआईटी यह जानने की कोशिशों में जुटी है कि क्या पुलिसकर्मियों ने सेल्फ डिफेंस में गोली चली थी या भारी राजनीतिक दबाव की वजह से उन्हें गोली चलाने के लिए मजबूर किया गया था।

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