2016-17 में 1.89 करोड़ वेतनभोगी व्यक्तियों ने एक लाख 44 हजार करोड़ टैक्स जमा किया है। औसतन एक आदमी ने 76,306 रुपए टैक्स जमा किया जबकि 1.88 करोड़ बिजनेसमैन और व्यक्तिगत बिजनेसमैन ने 48,000 करोड़ का कर भुगतान किया। इस तबके का औसत बनता है 25,753 रुपए जो नौकरीपेशा करदाताओं से काफी कम है।
जीएसटी के बारे में वित्त मंत्री ने कहा कि इसको सरल बनाने वे करदाता भी इससे जुड़े जिनकी जरूरत नहीं थी। मगर दर्शाया गया टर्नओवर उत्साहवर्धक नहीं हैं। वित्त मंत्री के ही ये शब्द हैं कि 2017-18 के अनुसार व्यक्तिगत कर दाताओं और 17.99 लाख रुपए के कम औसत टर्न ओवर वाले हिन्दू अविभाजित परिवार और फर्मों से 44.72 लाख विवरणियां, यानी रिटर्न प्राप्त हुई है जिनका औ्सत कर भुगतान मात्र 7000 रुपए है।
संख्या के हिसाब से 44 लाख रिटर्न सुनने में बड़ा लग सकता है मगर इसका प्रति व्यक्ति रिटर्न मात्र 7000 ही है। वित्त मंत्री ने कहा है कि व्यवसायियों द्वारा बेहतर कर अनुपालन आचरण प्रदर्शित नहीं किया जा रहा है, यानी वे कर चोरी कर रहे हैं। जेटली ने शिष्ट शब्दों में कहा है कि बेहतर अनुपालन नहीं किया जा रहा है।