WaQf Amendment Bill: कांग्रेस संसदीय दल (CPP) की प्रमुख सोनिया गांधी ने गुरुवार को सरकार पर वक्फ संशोधन विधेयक को लोकसभा में मनमाने ढंग से पारित कराने का आरोप लगाते हुए दावा किया कि यह विधेयक संविधान पर सरेआम हमला है तथा यह समाज को स्थायी ध्रुवीकरण की स्थिति में बनाए रखने की भारतीय जनता पार्टी (BJP) की सोची-समझी रणनीति का हिस्सा है।
विपक्षी सदस्यों के संशोधनों को खारिज करते हुए 232 के मुकाबले 288 मतों से वक्फ (संशोधन) विधेयक, 2025 को पारित किया गया। सदन ने मुसलमान वक्फ (निरसन) विधेयक, 2024 को भी ध्वनिमत से मंजूरी दे दी।
उन्होंने कहा कि यह एक असाधारण और चौंकाने वाली बात है, क्योंकि यह विपक्ष को उन चिंताओं को उठाने से रोकने के लिए किया गया है, जिससे सरकार मुश्किल में पड़ सकती है। सोनिया गांधी ने दावा किया कि कल वक्फ संशोधन विधेयक, 2025 लोकसभा में पारित हो गया और आज यह राज्यसभा में लाया जाने वाला है। विधेयक को वास्तव में मनमाने ढंग से पारित कर दिया गया था। हमारी पार्टी की स्थिति स्पष्ट है। यह विधेयक संविधान पर ही सरेआम हमला है। यह हमारे समाज को स्थायी ध्रुवीकरण की स्थिति में बनाए रखने की भाजपा की सोची-समझी रणनीति का हिस्सा है। उन्होंने आरोप लगाया कि 'एक राष्ट्र, एक चुनाव' संबंधी विधेयक संविधान को कमजोर करने का एक और प्रयास है। कांग्रेस की पूर्व अध्यक्ष ने कहा कि हम इस कानून का भी पुरजोर विरोध करते हैं।
सोनिया गांधी ने कहा कि हम सभी के लिए यह महत्वपूर्ण है कि जो सही और न्यायसंगत है हम उसके लिए लड़ना जारी रखें, ताकि मोदी सरकार की विफलता और भारत को एक निगरानी राज्य में बदलने की उसकी मंशा को उजागर किया जा सके। उन्होंने दावा किया कि हम सभी जानते हैं कि प्रधानमंत्री ने 2004-2014 के दौरान की गई कई पहलों की पुन: ब्रांडिंग, रीपैकेजिंग और मार्केटिंग कर उन्हें अपनी व्यक्तिगत उपलब्धियों के रूप में बताया है। सोनिया गांधी ने कहा कि इसे भी हमारी अपनी जनसंपर्क की गतिविधियों के माध्यम से उजागर करने की आवश्यकता है।(भाषा)