राज्यसभा में विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खरगे ने कहा, अनुराग ठाकुर ने कल दूसरे सदन (लोकसभा) में मुझ पर जो आरोप लगाए, उनसे मेरी प्रतिष्ठा को नुकसान हुआ। खरगे ने भाजपा सांसद अनुराग ठाकुर से उन पर लगाए गए बेबुनियाद आरोपों को साबित करने या इस्तीफा देने को कहा।
शून्यकाल के दौरान इस मुद्दे को उठाते हुए कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि कांग्रेस सदस्यों के हस्तक्षेप के कारण, भाजपा सांसद को निचले सदन में वक्फ़ विधेयक पर बहस के दौरान की गई अपनी अपमानजनक टिप्पणी वापस लेने के लिए मजबूर होना पड़ा। लेकिन नुकसान तो हो चुका है। कांग्रेस अध्यक्ष ने मांग की कि इस मुद्दे पर ठाकुर के साथ-साथ राज्यसभा में सदन के नेता जे पी नड्डा को भी माफी मांगनी चाहिए।
उन्होंने कहा कि अनुराग ठाकुर के टिप्पणी वापस लेने के बावजूद, मीडिया और विभिन्न सोशल मीडिया मंचों पर यह मुद्दा छाया रहा। मैं आज अनुराग ठाकुर के बेबुनियाद आरोपों की निंदा करने के लिए मजबूर हूं। मैं सदन के नेता से माफी की उम्मीद करता हूं, कम से कम इतना तो सत्तारूढ़ पार्टी कर ही सकती है और उसे यह करना चाहिए।
कांग्रेस नेता ने ठाकुर को अपने आरोप साबित करने की चुनौती देते हुए कहा कि अगर भाजपा सांसद अपने आरोपों को साबित नहीं कर सकते, तो उन्हें संसद में रहने का कोई अधिकार नहीं है। उन्हें इस्तीफा दे देना चाहिए। अगर आरोप साबित हो जाते हैं, तो मैं इस्तीफा दे दूंगा। खरगे के इतना कहने के बाद विपक्षी सदस्य सदन से बहिर्गमन कर गए।
अनुराग ठाकुर के बयान पर क्यों मचा बवाल : भाजपा सांसद अनुराग ठाकुर ने बुधवार को लोकसभा में वक्फ संशोधन बिल पर चर्चा के दौरान कहा था कि जब तक मोदी देश के प्रधानमंत्री रहेंगे, तुष्टीकरण की दुकानें बंद रहेंगी। उन्होंने कर्नाटक में कई कांग्रेस नेताओं पर वक्फ संपत्तियों में भ्रष्टाचार करने का आरोप लगाते हुए दावा किया कि विपक्षी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष का नाम भी इसमें आया है। ठाकुर ने जैसे ही अनुराग ठाकुर ने कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे का नाम लिया सदन में हंगामा शुरू हो गया। बाद में भाजपा नेता ने अपना बयान वापस ले लिया।