5. फूल चढ़ाने के बाद 3 बार मंत्र पढ़कर आचमन करें और हाथ धो लें।
6. इसके बाद परात में जल भरकर शिवजी को स्नान कराएं। भगवान शिव को बेलपत्र, फल और फूल चढ़ाएं।
8.इसके बाद दोनों को सभी चीजें जो आपने पूजा में रखी थी अर्पित कर दें।
9.सभी चीजें अर्पित करने के बाद हरतालिका तीज की कथा पढ़ें अथवा सुनें।
10. कथा पढ़ने के बाद भगवान गणेश, शिव और माता पार्वती की आरती उतारें।
11.अंत में अपने से बड़े सभी लोगों के पैर छुकर उनका आशीर्वाद लें।
12. भजन-कीर्तन करते हुए रात्रि जागरण करें।
13. अगले दिन प्रात: स्नान के बाद मिट्टी या बालू से बनाई प्रतिमा किसी नदी अथवा जलाशय में विसर्जित करें।