साधारण रूप से जिस रामराज्य को मात्र सुख-सुविधाओं का पर्याय माना जाता है। असल में वह मात्र सुविधाओं के नजरिए से ही नहीं बल्कि उसमें रहने वाले नागरिकों के पवित्र आचरण, व्यवहार, विचार और मर्यादाओं के पालन के कारण भी श्रेष्ठ शासन व्यवस्था का प्रतीक है। आओ जानते हैं कि प्रभु श्रीराम के राज्य की सीमाएं कहां तक फैली थी।
प्रभु श्रीराम का शासन संपूर्ण अखंड भारत पर था। अखंड भारत की सीमाएं अफगान के हिंदुकुश से अरुणाचल तक थी। दूरी ओर कश्मीर से कन्याकुमारी, अरुणाचल से बर्मा आदि पूर्ववर्ती राज्यों तक थी। यही कारण है कि श्रीराम के होने के सबूत और रामायण का प्रचलन आज भी अफगान, पाकिस्तान, म्यांमार, इंडोनेशिया, मलेशिया, थाईलैंड आदि जगहों पर देखा जा सकता है।