1. मुँह तका ही करे है जिस तिस का हैरती है ये आइना किस का ---------मीर
2. समा रहे हैं मगर तेरे नौब्नौ जलवे कि बन गया है तिलिस्म-ए-बहार आइना ----मोमिन
3. आइने में नहीं सिर्फ़ तेरा ही अक्स आइना साज़ का ख्वाब रोशन भी है-----आल अहमद सुरूर
4. जब से आया है वो मुखड़ा नज़र आइने को तब से अपनी भी नहीं है खबर आइने को ----- मजनू अज़ीम आबादी
5. न फूल ऎ 'आरसी' गर यार को तुझ से मोहब्बत है-----(आइना) भरोसा कुछ नहीं इस का ये मुंह देखे की उलफ़त है ------सौदा
6. अन्दाज़ अपना देखते हैं आइने में वो और ये भी देखते हैं कोई देखता न हो-------निज़ाम रामपुरी
7. देखिएगा संभल के आइना सामना आज है 'मक़ाबिल' का---(बराबरी का ),--रियाज़ खैराबादी
8. ताब-ए-नज़्ज़ारा नहीं, आइना क्या देखने दूँ----(दीदार करने की ताकत) और बन जाएँगे तस्वीर जो हैराँ होंगे--------मोमिन
9. तू ही बेहतर है हमसे आईने हम तो अपने भी 'रुशनास' नहीं----(चेहरा पहचानने वाले)---
10. तू बचा बचा के न रख इसे तेरा आइना है वो आइना कि 'शिकस्ता' हो तो 'अज़ीज़तर' है 'निगाह-ए-आइनासाज़' में----इक़बाल टूटा हुआ अधिक प्रिय----आइना बनाने वाले की निगाह में
11. आइना भी उनपे 'शैदा' हो गया----(आशिक़) एक दुश्मन और पैदा हो गया----------------नामालूम
पसीना मौत का माथे पे आया आइना लाओ हम अपनी ज़िन्दगी की आखरी तस्वीर देखेंगे-----नामालूम
13. किस 'सलीक़े' से 'मता-ए-होश' हम खोते रहे--(ढंग)----(होश की पूंजी) 'गर्द' चेहरे पर जमी थी आइना धोते रहे--(धूल)-------नामालूम
14. थी गर्द आइने पे जो झूटे विक़ार की मैंने वो साफ़ कर दी ये मेरा क़ुसूर था----------अज़ीज़ अंसारी