सुशील कुमार शर्मा

वरिष्ठ अध्यापक, गाडरवारा
यद्यपि आज के समय की तथाकथित भौतिकवादी सोच एवं पाश्चात्य संस्कृति के प्रभाव, स्वार्थ एवं संकीर्णताभरे वातावरण से होली...
मथुरा में बरसाने की होली प्रसिद्ध है। बरसाना राधाजी का गांव है, जो मथुरा शहर से करीब 42 किमी अंदर है। यहां एक अनोखी होली...
होली मुक्त स्वच्छंद हास-परिहास का पर्व है। यह संपूर्ण भारत का मंगलोत्सव है। फागुन शुक्ल पूर्णिमा को आर्य लोग जौ की...
नारी पर कविता - नारी तुम स्वतंत्र हो, जीवन धन यंत्र हो। काल के कपाल पर, लिखा सुख मंत्र हो।
नारी पर दोहे- नारी का सम्मान ही, पौरूषता की आन, नारी की अवहेलना, नारी का अपमान।
आज लहू केसर बन जाए, दुश्मन को ललकार कर। आज उठा बंदूक है भारत, वीरों की जयकार कर।
आदि माता नर्मदे आत्मपोषी। मां आशुतोषी मां आशुतोषी। उमारूद्रांगसंभूता, हे पावन त्रिकूटा। ऋक्षपादप्रसूता, रेवा, चित्रकूटा।...
मां ने प्यारा जीवन देकर धरा पर मुझे उतारा है। मैं माटी का अनघड़ पुतला तूने मुझे संवारा है। प्रथम पाठ मां से सीखा है। शब्दों...
नए वर्ष की भोर है, सपने नवल किशोर। धूप की चादर ओढ़कर, ठंड मचाए शोर। ऊर्जित मन आशा भरे, देखें आगत ओर। बीते ने जो भी दिया, बांध...
मानव अधिकार की कोई सर्वमान्‍य विश्‍वव्‍यापी परिभाषा नहीं है इसलिए राष्‍ट्र इसकी परिभाषा अपने सुविधानुसार देते हैं।...
भाषा भावों और विचारों की संवाहक होती है। भाषा का स्‍वरूप निरंतर बदलता रहता है और यह सभी भाषाओं के बारे में कहा जा सकता...
शिक्षा सुसंस्कृत बनाने का माध्यम है। यह हमारी संवेदनशीलता और दृष्टि को प्रखर करती है जिससे राष्ट्रीय एकता पनपती है,...
शिव लिंगरूप बहिरंग हैं, नमामि शम्भो। शिव ध्यानरूप अंतरंग हैं, नमामि शम्भो। शिव तत्व ज्ञानस्वरूप हैं, नमामि शम्भो। शिव...
अटल मौन देखो हुआ, सन्नाटा सब ओर। अंतिम यात्रा पर चले, भारत रत्न किशोर।
तुलसी का ‘रामचरित मानस’ हिन्दी साहित्य का सर्वोत्तम महाकाव्य है जिसकी रचना चैत्र शुक्ल नवमी 1603 वि. में हुई थी तथा जिसको...
अहंकार के कई फन फैले हैं शेषनाग की तरह मेरे सिर पर झूलते हैं, फुफकारते हैं लोगों को डराते हैं अहंकार के ये नाग निकलते...
सबसे महान होती हैं भारत की बेटियां, हम सबकी शान होती हैं भारत की बेटियां। जिस दिन से घर में आती हैं बेटियां, माता-पिता...
शिव है अंत:शक्ति, शिव सबका संयोग। शिव को जो जपता रहे, सहे न कभी वियोग। शिव सद्गुण विकसित करें, जाग्रत मन-मस्तिष्क
कांधे पर टंगा बस्ता चॉकलेट की बचपनी चाहत। और फिर बांबियों-झाड़ियों में से निकलते वे सांप, भेड़िये और लकड़बग्घे
पृथ्वी के प्राकृतिक संसाधनों में हवा, पानी, मिट्टी, खनिज, ईंधन, पौधे और जानवर शामिल हैं। इन संसाधनों की देखभाल करना और...