अवधेश कुमार

स्वतंत्र पत्रकार
राहुल गांधी द्वारा भारत जोड़ो यात्रा के दौरान महाराष्ट्र के दो स्थानों पर वीर सावरकर के विरुद्ध दिए गए बयान पर खड़ा बवंडर स्वाभाविक है। राहुल ने पहले वाशिम जिले में आयोजित रैली में सावरकर जी की निंदा की और जब इसका विरोध हुआ तो अकोला जिले के वाडेगांव में पत्रकार वार्ता में माफीनामे की एक प्रति दिखाते...
इस घटना से अनेक जघन्य अपराधियों के अंदर भी सिहरन पैदा हो गई होगी। आखिर कोई व्यक्ति इतना भयंकर अपराध कैसे कर सकता है? स्पष्ट है कि इसके पीछे की सोच और उसके अनुसार व्यक्ति के चरित्र को समझना होगा। अभी तक की सूचना इतनी ही है कि श्रद्धा ने जब उसे शादी करने का दबाव बनाया तो उसने उसे मार डाला।
संभावना यह भी है कि फैसले के विरुद्ध उच्चतम न्यायालय में पुनर्विचार याचिका डाली जाएगी। तमिलनाडु की सत्ता पर काबिज डीएमके नेता स्टालिन ने कहा कि हम अपने वकीलों से विचार कर रहे हैं और फैसले के खिलाफ पुनर्विचार याचिका डालेंगे। हालांकि ज्यादातर दलों में खुलकर स्टालिन की तरह इसका विरोध नहीं किया है, किंतु...
गुजरात के मोरबी पुल की त्रासदी ने पूरे देश को हिला दिया है। मच्छु नदी पर बनाया सस्पेंशन ब्रिज यानी झूलने वाला पुल पर्यटकों के आकर्षण का बड़ा कारण था। वहां एनडीआरएफ और एसडीआरएफ के साथ तैराकों, दमकलों व वायु सेना के कमांडों, रेस्क्यू नावें आदि सब कुछ होने के बावजूद दूसरे दिन भी लापता लोगों का पता नहीं...
ध्यान रखिए भारत को उत्तर कोरिया, इथियोपिया, सूडान, रवांडा, नाइजीरिया और कॉन्गो जैसे देशों से भी पीछे रखा गया है। आप नरेंद्र मोदी सरकार या राज्यों की भाजपा सरकारों के चाहे जितने बड़े आलोचक हो, क्या इसे स्वीकार कर लेंगे कि हमारा देश इन देशों से भूख सूचकांक के मामलों में पीछे हैं?
इन दोनों न्यायमूर्तियों ने जिस तरह का फैसला दिया है उससे इसमें व्यापक संवैधानिक एवं मजहबी अधिकारों के प्रश्न निहित हो गए हैं। हालांकि इसके आधार पर ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड की कर्नाटक सरकार से शिक्षण संस्थानों में हिजाब पहनने पर रोक से जुड़े आदेश वापस लेने की मांग उचित नहीं मानी जा सकती।
अशोक गहलोत ने जिस तरह विधायकों को खड़ा कर कांग्रेस के केंद्रीय नेतृत्व यानी सोनिया गांधी राहुल गांधी के लिए अपमानजनक स्थिति पैदा की उसमें उनके विरुद्ध अनुशासनात्मक कार्रवाई स्वाभाविक स्थिति होती। आखिर दिनभर राजस्थान सरकार के मंत्री और विधायक अपने अनुसार विद्रोहात्मक गतिविधियां करते रहे और गहलोत ने उन्हें...
कुछ भाजपा व आरएसएस के विरोधियों के लिए पीएफआई पर प्रतिबंध सहित अन्य कार्रवाई भी मुस्लिम विरोधी एवं हिंदू वर्चस्व की कार्यवाही है। महाराष्ट्र के पुणे से वायरल एक वीडियो में साफ दिख रहा है कि पीएफआई कार्यकर्ता बार-बार पाकिस्तान जिंदाबाद का नारा लगा रहे हैं। इससे पता चलता है कि पीएफआई ने अपने सदस्यों और...
वाराणसी जिला न्यायालय द्वारा ज्ञानवापी मस्जिद मामले को सुनवाई के योग्य मानने को गलत बताने वाले न्यायालय को कटघरे में खड़ा कर रहे हैं। यह दुर्भाग्यपूर्ण है। वास्तव में यह महत्वपूर्ण फैसला है। सामान्य तौर पर देखें तो कहा जा सकता है कि इतने सघन विवाद का मामला न्यायालय में है तो उसको... Gyanvapi Masjid
एक, गुलामी का प्रतीक चिन्ह यानी राजपथ इतिहास हो गया है और कर्तव्य पथ के रूप में नए इतिहास का सृजन हुआ है। दो, राजपथ का आर्किटेक्चर और भावना गुलामी के प्रतीक थे। अब इसका आर्किटेक्चर भी और आत्मा भी बदली है। तीन, देश के सांसद, अधिकारी, मंत्री जब यहां से गुजरेंगे तो उन्हें देश के प्रति कर्तव्यों का बोध होगा।
झारखंड सरकार इसकी गंभीरता को समझती और सजग होती तो उसको बेहतर इलाज के लिए एअरलिफ्ट किया जा सकता था। मुख्यमंत्री अन्य मंत्री या सत्तारूढ़ गठबंधन के नेता इस समय चाहे जितना आक्रामक बयान दें, इस जघन्य अपराध के तीन दिनों तक लगा ही नहीं कि झारखंड में कोई जागरूक सरकार भी है। मुख्यमंत्री का वक्तव्य पांचवें दिन...
कपिल सिब्बल ने ही सवाल उठाया था कि अगर पार्टी का कोई अध्यक्ष है ही नहीं तो फैसले कौन कर रहा है? उन्होंने कहा कि कोई तो कर रहा है। जाहिर है, उनका इशारा राहुल गांधी की ओर था। इस तरह के वक्तव्य अब दूसरे नेताओं ने भी दिए हैं। हार्दिक पटेल ने कांग्रेस छोड़ते समय राहुल गांधी पर ही आरोप लगाया था कि उनसे बात...
श्रीकांत प्रकरण में यही हुआ। जब एक महिला के साथ अभद्र गाली- गलौज के आरोपी पर हफ्ते भर के अंदर 25 हजार का ईनाम रख दिया गया, संपत्ति की छानबीन आरंभ हो गई, पत्नी बच्चे को उठाकर थाने में 6 घंटे पूछताछ की गई। जो लोग यह जानकर कि उसके परिवार में खाने पीने की व्यवस्था नहीं है मदद करने पहुंचे उनको भी अपराधी बनाकर...
स्वतंत्रता को अक्षुण्ण बनाए रखने की दृष्टि से हमारी चुनौतियां क्या है उन दिशाओं में देश कहां-कहां क्या कर रहा है तथा आम भारतीय का दायित्व क्या हैं आदि पर भी प्रभावी शैली से प्रकाश डालें। निष्कर्ष यही होगा कि अपने करीब 83 मिनट के भाषण में प्रधानमंत्री मोदी ने उन हरसंभव प्रश्नों का उत्तर दिया जो लाल किला...
तृणमूल ने अपने 36 सांसदों के साथ पहले ही मतदान के बहिष्कार की घोषणा कर दिया था। इसलिए कुल मत 734 रह गया था। इनमें भी 725 सांसदों ने मतदान किया। धनखड़ को अपेक्षा के अनुरूप ही 528 वोट मिले। हालांकि मारग्रेट अल्वा को केवल 182 वोट मिलना विपक्ष के लिए चिंता का विषय होना चाहिए।
16 जुलाई को जम्मू के टाडा न्यायालय में रुबिया सईद ने यासीन मलिक समेत चारों आरोपियों की पहचान की। जम्मू-कश्मीर ही नहीं, पूरा देश मान चुका था कि रुबिया अपहरण का मामला आया गया हो चुका है। लेकिन जैसी स्थिति पैदा हो चुकी है उसमें यासीन मलिक सहित शेष आरोपियों को सजा मिलना निश्चित है। यासीन मलिक आतंक के वित्तपोषण...
पहले दौर में उनके एक घर से 21 करोड़ 20 लाख रुपए नगद, 79 लाख रुपए के सोने व हीरे के गहने, 20 मोबाइल फोन, 54 लाख रुपए मूल्य की विदेशी मुद्रा, 10 जमीनों के दस्तावेज और काफी मात्रा में विदेशी शराब मिले। उनके बेलघरिया स्थित दूसरे घर से 27 करोड़ 90 लाख रुपए नकद, 6 किलो सोना के गहने और चांदी के सिक्के के साथ...
देश में फैले अराजक और धार्मिक कट्टरता के बीच आरएसएस लगातार बडा संगठन होता जा रहा है, ऐसे मजहबी कट्टरता के बीच इस संगठन की भूमिका क्‍या होना चाहिए। हिंदुओं के लिए संघ को क्‍या करना चाहिए, किस योजना पर काम करना चाहिए, इस बारे में विचार किया जाना चाहिए।
सामान्यतः आक्रोश प्रकटीकरण और विरोध प्रदर्शनों में शामिल लोगों की पुलिस के साथ भी धींगाभुश्ती होती है। गुस्से का निशाना रास्ते चलते वाहन से लेकर भवन आदि न जाने क्या-क्या हो जाते हैं। पुलिस के बैरिकेड तो प्रदर्शनकारियों के सबसे बड़े निशाने होते हैं।
न्यायालय के फैसले में स्पष्ट लिखा है कि विशेष जांच दल यानी एसआईटी की अंतिम रिपोर्ट के विरुद्ध दायर याचिका आधारहीन ही नहीं, गलत बयानों और तथ्यों से भरी थी। याचिका में कहा गया था कि गोधरा घटना के बाद राज्य में हुई हिंसा के पीछे उच्चस्तरीय साजिश थी और यह पूर्व नियोजित थी।