Mahakal lok corridor : तेज हवा और आंधी के चलते उज्जैन स्थित महाकाल मंदिर के महाकाल लोक में सप्तऋषियों की कुछ मूर्तियां गिर गई है। रविवार को आई आंधी इतनी तेज थी कि महाकाल लोक में लगी अनेक मूर्तियां उखड़कर जमीन पर गिर गईं। आंधी से सप्तऋषि की 6 मूर्तियां गिरकर खंडित हुईं। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने 11 अक्टूबर 2022 को ही 'श्री महाकाल लोक' गलियारे के पहले चरण का लोकार्पण किया था।
कितनी लागत में बना महाकाल लोक | At what cost was Mahakal Lok made?
कहा जा रहा है कि कुल 856 करोड़ रुपए की लागत वाली इस परियोजना के पहले चरण में श्री महाकाल लोक को 351 करोड़ रुपए की लागत से तैयार किया गया है। देश के 12 ज्योतिर्लिंगों में से एक महाकालेश्वर का मंदिर उज्जैन में स्थित है। यहां देश विदेश से बड़ी संख्या में श्रद्धालु आते हैं।
मूर्तियों का टैरियल क्या था?
कहा जा रहा है कि ये मूर्तियां लाल पत्थर और रेनफोर्स प्लास्टिक से बनी थीं। इन मूर्तियों की लाइफ 10 साल बताई जा रही थी। मात्र 30 किलोमीटर की रफ्तार से चली आंधी ने इन्हें उखाड़ दिया।
अब कैसे होगा रखरखाव?
फिलहाल कंपनी को ही इनका रखरखाव करना है। क्रेन की मदद से मूर्तियों को दोबारा लगवाया जाएगा।
फिलहाल मूर्तियों को फिर से लगाने के लिए महाकाल लोक को बंद किया गया है।
इन मूर्तियों पर गुजरात की एमपी बाबरिया फर्म से जुड़े गुजरात, ओडिशा और राजस्थान के कलाकारों ने कारीगरी की थी।