Trump Putin meeting : यूक्रेन और रूस के बीच जारी युद्ध को समाप्त कराने के लिए अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के बीच हुई बातचीत बेनतीजा रही और दोनों नेताओं के बीच कुछ अहम मुद्दों पर सहमति नहीं बन सकी। ऐसे में सभी की नजरें इस बात पर टिकी हुई है कि आने वाले समय में राष्ट्रपति ट्रंप का भारत के प्रति रूख कैसा रहता है? ALSO READ: रूस यूक्रेन युद्ध पर कोई समझौता नहीं, मुलाकात के बाद क्या बोले ट्रंप और पुतिन
अलास्का में दोनों नेताओं के बीच बैठक के बाद पुतिन ने दावा किया कि यूक्रेन को लेकर सहमति बनी है साथ ही उन्होंने यूरोप को चेतावनी दी कि वह प्रगति में कोई बाधा नहीं डाले। पुतिन के दावे के बाद ट्रंप ने कहा कि जब तक कोई समझौता नहीं हो जाता तब तक कुछ भी पक्के तौर पर नहीं कहा जा सकता।
ट्रंप ने कहा कि वह पुतिन और उनके बीच हुई बातचीत की जानकारी देने के लिए यूक्रेनी राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की और यूरोपीय नेताओं को बुलाएंगे।
इस मुलाकात में भले ही दोनों दिग्गजों के बीच सहमति नहीं बनी हो लेकिन युद्ध समाप्त होने की संभावना खत्म नहीं हुई है। ट्रंप और पुतिन जल्द ही रूस में फिर मुलाकात कर सकते हैं। माना जा रहा है कि बातचीत सकारात्मक दिशा में आगे बढ़ने पर ट्रंप भारत पर लगाए गए 25 फीसदी अतिरिक्त कर को वापस भी ले सकते हैं। वहीं अगर दोनों देशों में बात नहीं बनी तो भारत पर और टैक्स लगाया जा सकता है।
राष्ट्रपति पुतिन से मुलाकात के बाद राष्ट्रपति ट्रंप के सुर बदलते नजर आ रहे हैं। अब ट्रंप ने कहा कि उन्हें रूसी तेल खरीदारों पर टैरिफ के बारे में 2 या 3 हफ्तों में सोचना पड़ सकता है।
मुलाकात से पहले ट्रंप ने दावा किया था कि रूस से तेल खरीदने पर भारत पर लगाए गए शुल्क ने मास्को के वॉशिंगटन के साथ बैठक करने के लिए तैयार किया। उन्होंने कहा कि अगर रूस ऐसा नहीं करता तो वह अपने 'दूसरे सबसे बड़े ग्राहक' को खो सकता था।
गौरतलब है कि मुलाकात से पहले अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने कहा था कि अगर रूस यूक्रेन युद्ध समाप्त करने पर राजी नहीं होता है तो वह भारत पर सख्त कदम उठाएंगे। अब सभी की नजरें इस बात टिकी हुई है कि ट्रंप भारत पर क्या एक्शन लेते हैं?
डोनाल्ड ट्रंप ने इस महीने की शुरुआत में भारत पर 50 प्रतिशत टैरिफ लगाया है। इसमें रूस से तेल की खरीद जारी रखने पर जुर्माने के तौर पर लगाए गए 25 प्रतिशत शुल्क भी शामिल हैं। यह अतिरिक्त 25 प्रतिशत शुल्क 27 अगस्त से लागू होगा।