बांग्लादेश में भयावह आतंकी हमला, 20 विदेशियों की मौत

शनिवार, 2 जुलाई 2016 (15:57 IST)
ढाका। बांग्लादेश की राजधानी ढाका के उच्च सुरक्षा वाले राजनयिक क्षेत्र के एक लोकप्रिय रेस्तरां में बंधक संकट शनिवार को खत्म हो गया, जहां आईएसआईएस के आतंकवादियों के निर्मम हमले में 20 विदेशी नागरिकों की हत्या कर दी गई। बांग्लादेशी कमांडो ने 6 आतंकवादियों को भी मार गिराया और 1 को जिंदा पकड़ लिया।
 
सैन्य अभियान महानिदेशक ब्रिगेडियर जनरल नईम अशफाक चौधरी ने बताया कि सशस्त्र बलों के नेतृत्व में साझा अभियान शुरू होने से पहले ही आतंकवादियों ने 20 बंधकों की निर्मम हत्या कर दी। जिन लोगों को मौत के घाट उतारा गया उनमें से ज्यादातर का गला काटा गया था।
 
चौधरी ने कहा कि आर्मी पैरा कमांडो यूनिट-1 ने अभियान का नेतृत्व किया और 13 मिनट के भीतर 6 आतंकवादी मारे गए। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री ने बंधक संकट खत्म करने के लिए सेना को दखल देने का निर्देश दिया जिसके बाद ‘ऑपरेशन थंडरबोल्ट’ अभियान शुरू किया गया।
 
मारे गए सभी 20 बंधक विदेशी नागरिक थे जिनमें ज्यादातर जापानी या इतालवी हैं। शुक्रवार रात गोलीबारी शुरू होने के बाद 2 वरिष्ठ पुलिस अधिकारी मारे गए थे।
 
चौधरी ने कहा कि होले आर्टिजन बेकरी के परिसर में तलाशी के दौरान इन विदेशी नागरिकों के शव बरामद किए गए। शवों को पोस्टमॉर्टम और उनकी पहचान की पुष्टि के लिए संयुक्त सैन्य अस्पताल भेजा गया है।
 
बंधक संकट खत्म होने के बाद बांग्लादेशी प्रधानमंत्री शेख हसीना ने बांग्लादेश से ‘आतंकवादियों और हिंसक चरमपंथियों का सफाया करने’ के लिए सबकुछ करने का संकल्प लिया।
 
हसीना ने टेलीविजन पर दिए अपने संबोधन में कहा कि यह बहुत भयावह कृत्य है। ये लोग किस तरह के मुसलमान हैं? उनका कोई धर्म नहीं है। आतंकवादियों की मुस्लिम पहचान को लेकर सवाल करते हुए हसीना ने कहा कि उन्होंने रमजान की तरावीह (खास नमाज) के असल संदेश का उल्लंघन किया और लोगों की हत्या की है। जिस तरह से उन्होंने लोगों की हत्या की वह बर्दाश्त करने योग्य नहीं है। उनका कोई धर्म नहीं है तथा आतंकवाद ही उनका धर्म है। 
 
हसीना के साथ सेना प्रमुख जनरल अबू बिलाल मुहम्मद शफीउल हक भी मौजूद थे। (भाषा) 

वेबदुनिया पर पढ़ें