मौत का मैसेंजर बन रहा है Whatsapp, अफवाहों से जा रही है लोगों की जान

मंगलवार, 26 जून 2018 (17:24 IST)
सोशल मीडिया का उपयोग लोगों से जुड़ाव के लिए होता है। ऐसा ही एक सोशल मैसेजिंग एप है व्हाट्‍सएप। व्हाट्‍सएप का उपयोग तेजी से बढ़ता जा रहा है। भारत में 20 करोड़ लोग व्हाट्‍सएप प्रयोग करते हैं, जिसको भेजे जाने वाले कई मैसेज, फोटो या वीडियो फेक होते हैं। मैसेज, फोटो, वीडियो भेजने के लिए इस एप का खूब प्रयोग हो रहा है, लेकिन इस मैसेजिंग फर्जी, मैसेज, वीडियो और फोटो नकारात्मकता फैलाने का काम भी कर रहे हैं। बिना कोई प्रामाणिकता और सत्यता को जाने लोग ऐसे फर्जी वीडियो, मैसेज और फोटो इन मैसेजिंग एप पर भेजते हैं जिससे लोग गुमराह होते हैं।
 
 
कई ऐसे मामले भी सामने आए हैं जिनमें झूठी खबरें लोगों की जान भी ले रही हैं। पिछले दिनों कई ऐसे मामले सामने आए‍ जिनमें अफवाहों से भीड़तंत्र ने निर्दोष लोगों की जान तक ले ली। बालाघाट, सिवनी और छिंदवाड़ा जिलों में व्हाट्‍सएप पर एक वीडियो वायरल, जिसमें लोगों से कहा गया था कि दो लोग किसी आदमी के शरीर से अंग निकालने के लिए उसकी हत्या करने जा रहे हैं। इस अफवाह के बाद गांव के 50-60 लोगों ने दोनों व्यक्तियों को पीट-पीटकर घायल कर दिया। पुलिस ने दोनों की जान बचाई।
 
बेंगलुरु में अफवाह फैली की शहर में 400 बच्चा चोर घूम रहे हैं। इसका खामियाजा एक 26 वर्षीय प्रवासी मजदूर को भुगतना पड़ा क्योंकि भीड़ ने उसे अपहरणकर्ता समझकर जमकर पीटा। इस तरह के मामले नए नहीं हैं। एक जानकारी के अनुसार इस साल अब तक फर्जी मैसेज के कारण एक दर्जन से ज्यादा लोगों को पीटा गया है और इनमें से कम से कम तीन लोगों की जान जा चुकी है।  

सरकार भी रख रही है नजर : फेसबुक और व्हाट्सएप के लिए भी ऐसे फेक मैसेज और वीडियो और अन्य सामग्री परेशानी का सबब बन चुके है। ऐसे फेक और फर्जी मैसेज समाज में वैमनस्यता बढ़ाने का काम करते हैं, जिनसे समाज के साथ देश को भी परेशानियों का सामना करना पड़ता है। भारत का सूचना और प्रसारण मंत्रालय भी ऐसे फेक मैसेज पर निगरानी रखने के लिए कई कदम उठा रहा है।
 
बिना सत्यता जानें ऐसे मैसेज फारवर्ड करने से बचें : कई बार फेसबुक और व्हाट्सएप पर ऐसे फेक मैसेज, अफवाहें, वीडियो आते हैं। बिना सत्यता और प्रामाणिकता के ऐसे मैसेज और अफवाहों को व्हाट्सएप के ग्रुप में भेज देते हैं। फेसबुक और व्हाट्सएप आपत्तिजनक साम्रगी भेजने पर भेजने वाला और ग्रुप एडमिन दोनों जिम्मेदार होते हैं और दोनों पर कानूनी कार्रवाई हो सकती है।

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