मौसम अपडेट : मध्यप्रदेश में फिर भारी बारिश की चेतावनी, नदी नाले उफान पर, मंदसौर में 50 इंच से अधिक वर्षा

शनिवार, 24 अगस्त 2019 (21:20 IST)
भोपाल। मध्यप्रदेश में पिछले 2 दिनों से कई जगह हो रही मूसलधार बारिश और लबालब भरे जलाशयों से पानी की निकासी के कारण सभी प्रमुख नदी-नाले उफान पर हैं। इस बीच मौसम विभाग ने अगले 24 घंटों में कहीं-कहीं फिर भारी वर्षा होने की चेतावनी जारी कर दी है।
 
मौसम विज्ञान भोपाल केंद्र के वरिष्ठ वैज्ञानिक उदय सरवटे ने बताया कि शनिवार को बैतूल में 86 मिमी, ग्वालियर में 56 मिमी, होशंगाबाद में 52 मिमी, गुना में 51 मिमी, भोपाल में 25 मिमी तथा इंदौर में 20 मिमी वर्षा हुई है।
 
पिछले 24 घंटों में भी राजनगर में 160 मिमी, खजुराहो में 100 मिमी, रायसेन और विदिशा में 90 मिमी, नरसिंहपुर, छतरपुर, पचमढ़ी एवं जबलपुर में 60 मिमी, अमरकंटक, हरदा एवं चांचौड़ा में 50 मिमी वर्षा हुई है।
उन्होंने बताया कि इस वर्षा और बांधों से पानी छोड़े जाने का कारण नर्मदा, ताप्ती, बेतवा, पार्वती सहित कई नदी-नाले उफान पर हैं।
 
उन्होंने बताया कि बंगाल की खाड़ी और ओडिशा पर 2 दिन पूर्व बने कम दबाव के क्षेत्र के साथ विदर्भ में बने इसी प्रकार के एक सिस्टम के विलय हो जाने से मध्यप्रदेश में मानसून अतिसक्रिय हो गया है।
 
भोपाल में झड़ी लगी : राजधानी भोपाल में शुक्रवार को देर शाम से शनिवार को दोपहर तक बारिश की झड़ी लगी रही। शुक्रवार को शाम से शनिवार सुबह तक यहां 65.6 मिमी तथा सुबह से शाम तक 25 मिमी वर्षा हुई है। यहां 1 जून से शनिवार सुबह तक 1172.2 मिमी वर्षा हुई है, जो सामान्य से 366.3 मिमी ज्यादा है।
 
मंदसौर में सर्वाधिक वर्षा : प्रदेश के 52 जिलों में से 25 जिलों में सामान्य से अधिक वर्षा हुई है। सबसे ज्यादा मंदसौर में 1,263 मिमी (50 इंच से भी ऊपर) वर्षा हुई, जो सामान्य से 116 प्रतिशत ज्यादा है और सबसे कम 472 मिमी सीधी जिले में हुई, जो सामान्य से 33 प्रतिशत कम है।
 
जल संसाधन विभाग ने बरगी (जबलपुर), गोपीकृष्ण (गुना), राजघाट (अशोकनगर), रेतम (मंदसौर), ओंकारेश्वर (खंडवा), कलियासोत, केरवा डेम और भदभदा डेम के गेट खोलकर अतिरिक्त पानी निकासी शुरू कर दी है।
 
भारी बारिश की चेतावनी दी : दूसरी ओर मौसम विभाग ने 24 घंटों के दौरान भोपाल, रायसेन, राजगढ़, सीहोर, विदिशा, उज्जैन, रतलाम, मंदसौर, शाजापुर, देवास, आगर, धार, इंदौर, झाबुआ, खंडवा, खरगोन, बुरहानपुर, हरदा, सागर, गुना आदि जिलों में कहीं-कहीं भारी बारिश होने की चेतावनी दी है।
 
सरवटे ने बताया कि द्रोणिका (मानसून ट्रफ) मध्यप्रदेश के रीवा से होकर गुजर रही है तथा उत्तर-पूर्वी मध्यप्रदेश पर चक्रवाती घेराव (साइक्लोनिक सर्कुलेशन) भी ऊपरी वायुमंडल में 1.5 किमी ऊपर विद्यमान है।
 
सरवटे के अनुसार 26 अगस्त को वर्षा की गतिविधियां कुछ कम हो सकती हैं लेकिन इसके दूसरे ही दिन से फिर वर्षा की झमाझम के आसार हैं, क्योंकि बंगाल की खाड़ी और उत्तरी ओडिशा पर कम दबाव का एक और सिस्टम बन गया है, जो 27 अगस्त से बरसना शुरू कर सकता है और इस माह के अंत तक मध्यप्रदेश बारिश से तरबतर रह सकता है।

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