शिरडी के साईबाबा पर धर्म संसद में हंगामा

सोमवार, 25 अगस्त 2014 (17:01 IST)
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रायपुर। शंकराचार्य स्वामी स्वरूपानन्द सरस्वती द्वारा शिरडी के सांई को भगवान मानकर पूजे जाने को लेकर आहूत धर्म संसद सोमवार को शिरडी ट्रस्ट के प्रतिनिधियों के बहिष्कार के बीच शुरू हो गई। दोपहर को दो साईं भक्त मंच पर अपना पक्ष रखने के लिए पहुंचे। संतों से सवाल पूछने पर संत भड़क गए और उन्होंने दोनों भक्तों को मंच से उतारा। संतों ने साईं भक्त को चुनौती थी। दोनों भक्त बोलने के लिए मंच पर आए थे।

राजधानी रायपुर से लगभग 150 किलोमीटर दूर कवर्धा जिला मुख्यालय पर आहूत धर्म संसद में 13 अखाड़ों के प्रतिनिधियों के साथ देश के विभिन्न इलाकों के लगभग 400 साधू सन्त हिस्सा ले रहे हैं।

उधर अपना प्रतिनिधि भेजने के द्वारिकापीठ के शंकराचार्य स्वरुपानंद सरस्वती के न्योते को शिरडी साईं संस्थान ने खारिज कर दिया। शिरडी साईं बाबा संस्थान के जनसंपर्क अधिकारी मोहन यादव ने बताया, संस्थान ने इस माह के शुरू में इसके उप कार्यकारी अधिकारी अप्पासाहेब शिंदे को 24-25 अगस्त को छत्तीसगढ़ में कबीरधाम जिले के कवर्धा में होने जा रही बृहद धर्म संसद में भाग लेने के न्योते पर विचार-विमर्श किया। हमने आयोजन कोई प्रतिनिधि नहीं भेजने का निर्णय किया है। बहरहाल, उन्होंने संस्थान के निर्णय के पीछे कोई कारण नहीं बताया।

धर्म संसद शुरू होने से पूर्व कवर्धा नगर में रविवार को भव्य शोभा यात्रा निकाली गई। गाजे-बाजे और धार्मिक उद्घोष के बीच निकली इस यात्रा में देश भर से जुटे सन्तों ही नहीं बल्कि आसपास के इलाकों से जुटे हजारों लोगों ने हिस्सा लिया। इस यात्रा में शंकराचार्य स्वामी स्वरूपानन्द सरस्वती भी रथ पर सवार थे। राज्य सरकार ने देश भर से जुटने वाले 23 प्रमुख साधु-सन्तों को राज्य अतिथि का दर्जा दिया है।

धर्म संसद में शामिल होने के लिए अमरकंटक के आचार्य रामकृष्णानंद, हरिद्वार के महामंडलेश्वर हरिगिरी, इलाहाबाद के महामंडलेश्वर नरेन्द्र गिरी, गाजियाबाद के महामंडलेश्वर नारायण गिरी, हरिद्वार के महामंडलेश्वर रविंद्रपुरी,वाराणासी के महामंडलेश्वर संतोष दास, अहमदाबाद के महामंडलेश्वर चैतन्य शंभू महाराज, पटना के महामंडलेश्वर हरिनारायणानंद, सलेमाबाद के निम्बार्काचार्य महाराज, बड़ौदा के वल्लभाचार्य महाराज, हरिद्वार के रामानंदचार्य,नईदिल्ली के अजय गौतम महाराज, जूना अखाड़ा हरिद्वार के महंत प्रेम गिरी, नई दिल्ली के महामंडलेश्वर मार्तण्डपुरी, वाराणसी के सर्वेश्वर चैतन्य महाराज, चित्रकूट के महंत राजीव लोचन दास, वाराणसी के प्रकाश मिश्र, ओंकारेश्वर के विवेकानंद पुरी, ब्रम्हाचार्य इंदूभावानंद, भीलवाड़ा के स्वामी अच्युतानंद सरस्वती, बद्रीनाथ के भुवनचंद उनियाल, मुंबई के नंदकिशोर नौटियाल तथा केदारनाथ के श्रीनिवास धर्म नगरी कवर्धा पहुंच चुके हैं।

धर्म संसद के लिए 54 हजार वर्ग फुट में वाटर प्रुफ डोम बनाया गया है। मंच के मध्य में शंकराचार्य स्वरूपानंद, साधु, संतों के साथ बैठेंगे। शहर के हर गली व चौक-चौराहों को झंडा तोरण से सजाया गया है। तथा जगह-जगह अतिथियों के आगमन को लेकर बेरीकेड्स भी बनाए गए हैं। (एजेंसी)

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