2024 में भी जीतेंगे मोदी, दुनिया का सबसे अहम राजनीतिक दल है भाजपा : वॉल स्ट्रीट जर्नल

मंगलवार, 21 मार्च 2023 (20:39 IST)
अमेरिका के प्रमुख अखबार वॉल स्ट्रीट जर्नल (Wall Street Journal) के एक आर्टिकल में भारतीय जनता पार्टी (BJP) को दुनिया की सबसे महत्वपूर्ण पार्टी बताया गया। वॉल स्ट्रीट जर्नल ने कहा है कि बीजेपी दुनिया की सबसे महत्वपूर्ण पार्टी है, लेकिन इसे काफी कम समझा गया है। एक आर्टिकल में दावा किया गया है कि 2024 के चुनाव में मोदी की जीत होगी।
 
वॉल स्ट्रीट जर्नल में वाल्टर रसैल मीड ने बीजेपी के बारे में लिखा है, कि भारत की सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी, अमेरिकी राष्ट्रीय हितों के दृष्टिकोण से, दुनिया की सबसे महत्वपूर्ण विदेशी राजनीतिक पार्टी है। इसे सबसे कम समझा गया है।
  
बड़ी आर्थिक शक्ति : रसैल ने लिखा कि बीजेपी (BJP) साल 2014 में खुद के दम पर सत्ता में आई थी और उसके बाद सफलतापूर्वक लगातार दूसरी बार भी 2019 के चुनाव में भी जीत हासिल की थी। अब 2024 में होने वाले चुनाव भी जीतने की राह पर है। बीजेपी भारतीय राजनीति के उस पढ़ाव पर है जब भारत जापान के साथ-साथ विश्व में आर्थिक शक्ति के रूप में उभर रहा है। उन्होंने तो यह भी लिखा कि भविष्य में भारत की मदद के बिना अमेरिका चीन की उभरती ताकत को बेलेंस नहीं कर पाएगा। 
 
रसैल लिखते हैं कि बीजेपी को ठीक से समझा नहीं जाता क्योंकि यह पार्टी राज‍नीतिक और सांस्कृतिक इतिहास से उत्पन्न हुई है जिससे अधिकतर गैर भार‍तीय अवगत नहीं है। 
 
मुस्लिम ब्रदर हुड से की थी तुलना : रसैल ने बीजेपी की तुलना मुस्लिम ब्रदरहुड (Muslim brotherhood), चीन की कम्युनिस्ट पार्टी (Chinese Communist Party) और ईजराइल की लिकूड (Likud Party) पार्टी से की है। बीजेपी की तुलना मुस्लिम भाईचारे से कर लिखा कि इस्लाम की तरह ही भाजपा भी पश्चिमी उदारवाद (Western Liberalism) के आइडिया को अस्वीकार करता है, पर मॉर्डेनिटि (Modernity) की प्रमुख विशेषताओं को अपनाता है। 
 
वैश्विक शक्ति : वैसे ही चीन की कम्युनिस्ट पार्टी की तरह बीजेपी भारत के एक अरब ना‍गरिकों को वैश्विक महाशक्ति बनने की राह का नेतृत्व कर रहा है। इजराइल की लिकूड पार्टी की तरह, बीजेपी प्रो-मार्केट को ट्रेडिश्नलिस्ट मूल्यों के साथ जोड़ता है।  चीन के साथ बढ़ते तनाव को देखकर अमेरिका को बीजेपी और RSS दोनों के साथ की जरूरत पड़ेगी। भारत का साथ आर्थिक और राजनीतिक पार्टनर के तौर पर मिलना जरूरी है।   
 
बीजेपी को मिला मुस्लिमों का समर्थन : मीड ने लिखा है कि भारत के पूर्वोत्तर में ईसाई बहुल राज्यों में बीजेपी को हालिया समय में उल्लेखनीय राजनीतिक सफलताएं मिली हैं। करीब 20 करोड़ से ज्यादा आबादी वाले राज्य उत्तरप्रदेश में बीजेपी सरकार को शिया मुसलमानों का मजबूत समर्थन हासिल है। 
 
आरएसएस के कार्यकर्ताओं ने जातिगत भेदभाव से लड़ने के प्रयासों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। लेखक मीड ने लिखा है कि 'बीजेपी और आरएसएस के वरिष्ठ नेताओं के साथ साथ मेरी मुलाकात बीजेपी के कई आलोचकों के साथ भी हुई है। उनके साथ मैंने काफी गहन बैठकें की हैं और उसके बाद मैं ये विश्वास के साथ कह सकता हूं कि अमेरिकियों को और यूरोपियन्स को एक जटिल और शक्तिशाली आंदोलन (बीजेपी) के साथ और अधिक गहराई से जुड़ने की जरूरत है।
मोदी के उत्तराधिकारी योगी : उत्तरप्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत के साथ अपनी मुलाकात को याद करते हुए मीड ने लिखा है कि जब मैं योगी आदित्यनाथ से मिला, जो उत्तरप्रदेश के मुख्यमंत्री के रूप में सेवा करने वाले एक हिन्दू साधु हैं, जिन्हें 72 साल के हो चुके प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का उत्तराधिकारी माना जाता है तो उनसे हुई बातचीत में पता चलता है कि वो राज्य में निवेश लाने और विकास के बारे में बात करते हैं।
 
इसी तरह आरएसएस के आध्यात्मिक नेता मोहन भागवत ने मुझसे भारत के आर्थिक विकास में तेजी लाने की आवश्यकता के बारे में बात की, और इस विचार को खारिज कर दिया, कि धार्मिक अल्पसंख्यकों को भेदभाव या उनके नागरिक अधिकारों में किसी भी तरह की कोई कमी की जानी चाहिए। अदिति गहलोत Edited By : Sudhir Sharma

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