CAG रिपोर्ट में खुलासा, दिल्ली का स्वास्थ्य ढांचा काफी कमजोर, मोहल्ला क्लिनिक में दवाओं और उपकरणों की भारी कमी
Disclosure in CAG report: दिल्ली का स्वास्थ्य ढांचा (Delhi's health infrastructure) कर्मचारियों, दवाओं और उपकरणों की कमी से जूझ रहा है। यह खुलासा शुक्रवार को विधानसभा (Assembly) में पेश की गई नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (CAG) की रिपोर्ट में किया गया है। रिपोर्ट में पूर्ववर्ती आम आदमी पार्टी सरकार की प्रमुख परियोजना 'मोहल्ला क्लिनिक' (Mohalla Clinic) में आवश्यक सुविधाओं की कमी की भी तस्वीर पेश की गई है।
शहर के स्वास्थ्य ढांचे की स्थिति पर सीएजी की रिपोर्ट में कहा गया है कि अक्टूबर 2022 और मार्च 2023 के बीच मोहल्ला क्लिनिक में जाने वाले लगभग 70 प्रतिशत मरीजों ने डॉक्टर के पास 1 मिनट से भी कम समय बिताया। इसमें पाया गया कि दिल्ली के 4 चयनित जिलों में 218 मोहल्ला क्लिनिकों में से 41 क्लिनिक चिकित्सकों के इस्तीफा देने, नौकरी छोड़ने या लंबी छुट्टी पर रहने के कारण 15 दिनों से लेकर लगभग 2 साल तक की अवधि के लिए बंद रहे।
वर्ष 2016-17 से 2020-21 की अवधि वाली रिपोर्ट में कहा गया है कि 31 मार्च 2017 तक 1,000 मोहल्ला क्लिनिक खोलने के लक्ष्य के मुकाबले 31 मार्च, 2023 तक केवल 523 ही शुरू हो पाए। रिपोर्ट में कहा गया है कि स्थायी विशेषज्ञ डॉक्टरों की कमी के कारण अस्पतालों में आपातकालीन सेवाएं प्रभावित हो रही हैं। साथ ही सार्वजनिक स्वास्थ्य सेवाओं में गंभीर कमियां हैं जिसका असर मरीजों और चिकित्सा पेशेवरों दोनों पर पड़ रहा है।
इसी तरह प्रदर्शन ऑडिट रिपोर्ट में गहन चिकित्सा इकाई (आईसीयू) सेवाओं में भी कमी पाई गई। लोकनायक अस्पताल (एलएनएच) के मेडिसिन विभाग के आईसीयू में मार्च 2020 तक 12 में से 5 ईसीजी मशीनें काम नहीं कर रही थीं। रिपोर्ट में कहा गया है कि जुलाई 2020 में 1 मशीन गायब हो गई और फरवरी 2021 में मामला दर्ज कराया गया। इसमें स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग में नर्सिंग कर्मियों की 21 प्रतिशत कमी तथा प्रमुख अस्पतालों में डॉक्टरों, नर्सों और पैरामेडिकल कर्मियों की भारी कमी की बात कही गई है।(भाषा)