Mahadev App Scam: केन्द्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) ने कथित तौर पर 6,000 करोड़ रुपए के महादेव ऐप घोटाले के सिलसिले में बुधवार को छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल (Bhupesh Baghel) के आवास पर छापे मारे। अधिकारियों ने यह जानकारी दी। ये छापे कांग्रेस की एक बैठक के लिए बघेल की नई दिल्ली की प्रस्तावित यात्रा से पहले मारे गए हैं। इस बीच प्रदेश कांग्रेस ने कहा कि भाजपा ने बघेल से डरकर यह छापेमारी की है।
बघेल ने ईओडब्ल्यू की प्राथमिकी को राजनीति से प्रेरित करार दिया था। मामले की जांच कर रहे प्रवर्तन निदेशालय ने आरोप लगाया है कि जांच के दौरान छत्तीसगढ़ के कई शीर्ष राजनेताओं और नौकरशाहों की संलिप्तता का पता चला है। ईडी का दावा है कि यह ऐप एक व्यापक सिंडीकेट है, जो अवैध सट्टेबाजी वेबसाइटों के लिए उपयोगकर्ताओं की आईडी बनाने और 'बेनामी' बैंक खातों के माध्यम से मनी लॉन्ड्रिंग के लिए ऑनलाइन प्लेटफॉर्मों की व्यवस्था करता है। ईडी ने पहले कहा था कि कथित घोटाले की अनुमानित राशि लगभग 6,000 करोड़ रुपए है।
वहीं, प्रदेश कांग्रेस कमेटी के मीडिया विभाग के अध्यक्ष सुशील आनंद शुक्ला ने कहा कि जब से भूपेश बघेल जी पंजाब के प्रभारी बने हैं भारतीय जनता पार्टी डर गई है। पहले उनके घर पर पहले ईडी भेजा गया आज उनके निवास पर सीबीआई आई है। यह भारतीय जनता पार्टी का डर दिखाता है।
उन्होंने कहा कि भारतीय जनता पार्टी राजनीति के माध्यम से मुकाबला नहीं कर पाती है तब केंद्रीय एजेंसी के माध्यम से डराने का काम करती है। इससे न भूपेश बघेल जी और न ही कांग्रेस पार्टी डरने वाली है। भाजपा की इन दमनकारी नीतियों को प्रदेश और देश की जनता अच्छे से समझ रही है। सूत्रों ने बताया कि पार्टी के कुछ अन्य नेताओं और रायपुर तथा दुर्ग जिलों के पुलिस अधिकारियों के परिसरों पर भी छापे मारे गए।(भाषा)