isro pslv c50 launch : कोरोनाकाल में इसरो की एक और उपलब्‍धि, श्रीहरिकोटा स्पेस सेंटर से PSLV-C50 रॉकेट को किया लॉन्च

गुरुवार, 17 दिसंबर 2020 (18:31 IST)
श्रीहरिकोटा (आंध्रप्रदेश)। भारत ने कोविड-19 महामारी के बीच इस साल दूसरे और अंतिम प्रक्षेपण अभियान के तहत गुरुवार को अंतरिक्ष केंद्र से अपने ध्रुवीय रॉकेट से नवीनतम संचार उपग्रह सीएमएस-01 को सफलतापूर्वक प्रक्षेपित किया।
ALSO READ: 6,000mAh की धमाकेदार बैटरी के साथ लांच हुआ Redmi 9 Power, जानिए फीचर्स और कीमत
इसरो के भरोसेमंद ध्रुवीय उपग्रह प्रक्षेपण यान पीएसएलवी-सी50 ने श्रीहरिकोटा के अंतरिक्ष केंद्र में प्रक्षेपण स्थल से रवाना होने के 20 मिनट बाद उपग्रह को कक्षा में स्थापित कर दिया।
 
सीएमएस-01 अंतरिक्ष एजेंसी का 42 वां संचार उपग्रह है और उपग्रह के जरिए अंडमान-निकोबार द्वीप समूह और लक्षद्वीप समेत भारत के विभिन्न हिस्सों में फ्रीक्वेंसी स्पेक्ट्रम के विस्तारित सी बैंड की सेवाएं मिलेंगी।
 
इसरो के अध्यक्ष के सिवन ने कहा कि ‘उपग्रह’ अच्छे से काम कर रहा है। उन्होंने मिशन नियंत्रण केंद्र से वैज्ञानिकों को संबोधित करते हुए कहा कि उपग्रह का सोलर पैनल काम करने लगा है।
 
उन्होंने कहा कि मुझे यह घोषणा करते हुए अत्यंत प्रसन्नता हो रही है कि पीएसएलवी-सी50 ने पूर्व निर्धारित कक्षा में बेहद सटीकता से संचार उपग्रह सीएमएस-01 को स्थापित कर दिया। अब से अगले चार दिन में उपग्रह जीटीओ (जियोसिंक्रोनस ट्रांसफर ऑर्बिट) में निर्धारित स्थान ले लेगा। सिवन ने कहा कि यह उपग्रह 11 साल पहले प्रक्षेपित संचार उपग्रह जीसैट-12 का स्थान लेगा।
ALSO READ: किसान आंदोलन के बीच शाह ने की केंद्रीय मंत्रियों और BJP नेताओं के साथ बैठक
भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) के मुताबिक, उपग्रह का जीवनकाल सात साल से ज्यादा का होगा। अंतरिक्ष एजेंसी के प्रक्षेपण से जुड़ी टीमों को बधाई देते हुए अध्यक्ष ने कहा कि मैं आश्वस्त हूं कि उपग्रह पूरी कामयाबी से काम करेगा। 
 
इसरो के भविष्य के अभियानों-चंद्रयान-तीन, महत्वाकांक्षी मिशन आदित्य एल-एक और गगनयान का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि वे जल्द से जल्द मिशन को अंजाम देने की योजनाएं बना रहे हैं । इसमें बहुप्रतीक्षित जीएसएलवी और एसएसएलवी अभियान भी शामिल हैं। सिवन ने कहा कि आगे कई सारे अभियान हैं और हमेशा की तरह इसरो की टीम को सफलता मिलती रहेगी।
ALSO READ: शास्त्री का बना मजाक, स्टार्क ने एक ही गेंद में किया सचिन-लारा-वीरू का शिकार!
पीएसएलवी-सी50 एक्सएल संरचना (छ: स्ट्रेप ऑन मोटर से लैस) में पीएसएलवी की 22वीं उड़ान है और श्रीहरिकोटा से 77वीं बार प्रक्षेपण यान को प्रक्षेपित किया गया है। श्रीहरिकोटा चेन्नई से करीब 120 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है।
 
कोविड-19 महामारी के बीच इसरो के इस साल के पहले अभियान में पीएसएलवी सी-49 (ईओएस) पृथ्वी प्रेक्षण उपग्रह और नौ अन्य उपग्रहों को 7 नवंबर को प्रक्षेपित किया गया था। इसरो के लिए आज का प्रक्षेपण 2020 का अंतिम अभियान है। (भाषा)

वेबदुनिया पर पढ़ें

सम्बंधित जानकारी