उन्होंने कहा कि यह वास्तव में गर्मी और नमी के संयोजन से संबंधित है, खासकर अधेड़ लोगों के लिए, क्योंकि ऐसी उम्र के लोगों को जवान लोगों की तरह पसीना नहीं आता। (अधेड़ उम्र में) हम पसीने के वाष्पीकरण से होने वाले त्वचा को ठंडा करने के प्रभाव को महसूस करने की अपनी क्षमता खोना शुरू कर देते हैं।
जैविक आयु आणविक, कोशिकीय और अंगों के स्तर पर शरीर की कार्यप्रणाली को दर्शाती है। कालानुक्रमिक आयु (जन्म तिथि के आधार पर) के सापेक्ष उच्च जैविक आयु को विभिन्न स्वास्थ्य स्थितियों के लिए जोखिम कारक माना जाता है। पत्रिका 'साइंस एडवांसेस' में प्रकाशित इस अध्ययन में 2010 से 2016 तक 6 साल की अध्ययन अवधि में 56 वर्ष और उससे अधिक आयु के 3,600 से अधिक वयस्कों के रक्त के नमूनों का विश्लेषण किया गया।(भाषा)