लखनऊ। कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा को उस समय मिर्जापुर में रोक लिया गया, जब वे सोनभद्र में मारे गए लोगों के परिजनों से मिलने जा रही थीं। उल्लेखनीय है कि जमीन विवाद के चलते सोनभद्र में 10 लोगों की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी।
प्रियंका को जब रोका गया तो वे धरने पर बैठ गईं। उन्होंने कहा कि प्रशासन को यह बताना चाहिए कि उन्हें क्यों रोका गया है। इसके बाद अधिकारी प्रियंका गांधी और कुछ कांग्रेस नेताओं को सरकारी गाड़ी में बैठाकर गेस्ट हाउस ले गए। हालांकि पुलिस अफसरों ने कहा है कि प्रियंका को गिरफ्तार नहीं किया गया।
प्रियंका को मिर्जापुर-वाराणसी सीमा के पास स्थित नारायणपुर गांव के पास रोका गया गया। प्रशासनिक अधिकारियों ने सोनभद्र में धारा 144 का हवाला देते हुए उन्हें रोक दिया। बताया जाता है कि बाद में प्रियंका को हिरासत में लेकर चुनार गेस्ट हाउस ले जाया गया। इस मामले को लेकर यूपी विधानसभा में भी खूब हंगामा हुआ। प्रियंका ने बनारस में इस घटना में घायल लोगों से भी अस्पताल जाकर मुलाकात की थी।
कांग्रेस जिम्मेदार : दूसरी ओर योगी आदित्यनाथ ने सोनभद्र की घटना दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए इसके लिए कांग्रेस को ही जिम्मेदार ठहरा दिया। उन्होंने कहा कि 1955 से 1989 तक यह जमीन आदर्श सोसायटी के नाम पर थी, जबकि 1989 में इस जमीन को एक व्यक्ति के नाम पर चढ़ा दिया गया।
उन्होंने कहा कि 1989 में इसे दूसरे को बेच दिया और वनवासी इस जमीन पर खेती करते रहे। इस पूरे प्रकरण की तह में जाएं तो 1955 में कांग्रेस की सरकार के दौरान स्थानीय लोगों की जमीन को हड़पने के लिए ग्राम समाज की जमीन को आदर्श सोसायटी के नाम पर दिया गया। बाद में इस जमीन को बिहार के एक आईएएस के नाम पर कर दिया जो गलत था।