आज अंबाला पहुंचेंगे 5 राफेल विमान, एयरबेस के आसपास सुरक्षा सख्त

बुधवार, 29 जुलाई 2020 (11:42 IST)
अंबाला। राफेल विमानों का पहला बेड़ा बुधवार दोपहर यहां अंबाला एयरबेस पर उतरेगा जिसके मद्देनजर पुलिस ने सैन्य अड्डे के आसपास सुरक्षा कड़ी कर दी है। 5 लड़ाकू विमानों का यह बेड़ा हरियाणा के अंबाला एयरबेस में तैनात रहेगा।
 
लड़ाकू विमानों के इस बेड़े ने सोमवार को फ्रांसीसी बंदरगाह शहर बोरदु के मेरिग्नैक एयरबेस से उड़ान भरी। ये विमान लगभग 7,000 किलोमीटर की दूरी तय करने के बाद बुधवार दोपहर अंबाला पहुंचेंगे। इस दौरान विमान केवल एक जगह संयुक्त अरब अमीरात में रुकेंगे। इन विमानों में एक सीट वाले तीन और दो सीट वाले दो विमान होंगे।

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अधिकारियों ने अंबाला सैन्य अड्डे के आसपास निषेधाज्ञा जारी कर तस्वीरें लेने और वीडियो बनाने पर रोक लगा दी है। अंबाला जिला प्रशासन ने निषेधाज्ञा जारी कर सैन्य अड्डे के 3 किलोमीटर के दायरे में निजी ड्रोन उड़ाने पर भी रोक लगा दी है।
 
धुलकोत, बल्देव नगर, गरनाला और पंजखोरा सहित सैन्य अड्डे से लगे गांवों में धारा 144 लागू कर चार या उससे अधिक लोगों के एकत्रित होने पर प्रतिबंध लगा दिया।
 
अंबाला के उपायुक्त अशोक कुमार शर्मा ने कहा कि इस निषेधाज्ञा लागू होने के दौरान सैन्य अड्डे की चाहरदीवारी और उससे लगे क्षेत्रों की तस्वीरें लेना और वीडियो बनाना प्रतिबंधित है।

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इस बीच, हरियाणा पुलिस ने सैन्य अड्डे के पास स्थित आवासीय इलाकों में कई नाके बनाए हैं और कई पुलिस अधिकारी गश्त लगाते भी दिखे। लाउडस्पीकर से लोगों को छतों पर खड़े होकर तस्वीरें ना लेने और वीडियो ना बनाने की चेतवानी भी दी जा रही है। उन्होंने ऐसा करने वालों के खिलाफ कानून के तहत कड़ी कार्रवाई की चेतावनी भी दी है। 
 
हरियाणा के गृह मंत्री अनिल विज ने बुधवार को कहा कि अंबाला के लोग विमानों के आगमन को लेकर बहुत उत्साहित हैं।
 
राफेल विमान भारत द्वारा पिछले दो दशक से अधिक समय में लड़ाकू विमानों की पहली बड़ी खरीद है। इन विमानों के आने से भारतीय वायुसेना की युद्धक क्षमता में महत्वपूर्ण रूप से बढ़ोतरी होने की संभावना है।
 
भारत ने 23 सितंबर 2016 को फ्रांसीसी एरोस्पेस कंपनी दसॉल्ट एविएशन से 36 राफेल लड़ाकू विमान खरीदने के लिए 59,000 करोड़ रुपए का सौदा किया था।
 
इन विमानों को बुधवार दोपहर में भारतीय वायुसेना में स्क्वाड्रन नम्बर 17 में शामिल किया जाएगा, जिसे 'गोल्डन एरोज' के नाम से भी जाना जाता है।
 
हालांकि, इन विमानों को औपचारिक रूप से भारतीय वायुसेना में शामिल करने के लिए मध्य अगस्त के आसपास समारोह आयोजित किया जा सकता है जिसमें रक्षामंत्री राजनाथ सिंह और देश के शीर्ष सैन्य अधिकारियों के शामिल होने की उम्मीद है। भारत ने जो 36 राफेल विमान खरीदे हैं उनमें से 30 विमान लड़ाकू जबकि छह प्रशिक्षक विमान हैं।
 
अंबाला एयरबेस को भारतीय वायुसेना का महत्वपूर्ण बेस माना जाता है क्योंकि यहां से भारत-पाकिस्तान सीमा महज 220 किलोमीटर की दूरी पर है। (भाषा)
 

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