महिला मानव बम, खोदा पहाड़ निकली चूहिया

जम्मू। गणतंत्र दिवस पर महिला मानव बम द्वारा हमला करने की खबरों का गुब्बारा फूट चुका है। कश्मीर पुलिस ने उस कथित महिला मानव बम को भी गिरफ्तार कर लिया है। महिला बम के नाम पर ‘दहशत’ फैलाने वाली कश्मीर पुलिस अब सच्चाई जानकर बगले झांक रही है, जबकि वह इसे अब दबे स्वर में भी स्वीकार करने लगी है कि सारा मामला एक खुफिया इनपुट को गलत ढंग से समझ लिए जाने का था।
 
 
यह जम्मू कश्मीर पुलिस द्वारा एक खुफिया सूचना को गलत ढंग से समझने का मामला है। दरअसल केन्द्रीय सुरक्षा एजेंसियों ने उन्हें सूचना दी थी कि पुणे की एक लड़की, जिसे कई मौकों पर पुणे पुलिस के आतंकवाद निरोधी दस्ते ने हिरासत में लिया है, अपना ठिकाना बदलकर घाटी में आ गई है और उसकी निगरानी किए जाने की जरूरत है।
 
हालांकि अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक मुनीर खान जो कश्मीर रेंज के पुलिस महानिरीक्षक के तौर पर काम कर रहे हैं, ने लड़की का नाम बताते हुए सभी जिलों को चौकन्ना कर दिया और दावा किया था कि वह एक आत्मघाती हमलावर है और गणतंत्र दिवस समारोहों में बाधा डालने की योजना बना रही है।
 
23 जनवरी को जारी खान के हस्ताक्षर वाले एक नोट में कहा गया था कि इस बात की पक्की खबर है कि 18 वर्ष की एक गैर कश्मीरी लड़की कश्मीर में गणतंत्र दिवस समारोह या उसके आसपास आत्मघाती बम विस्फोट कर सकती है। इसे देखते हुए जांच और चौकसी बढ़ाने के आदेश भी दिए गए।
 
 
खान ने अपने इस नोट की गंभीरता को देखते हुए कोई ब्यौरा देने से इंकार करते हुए कहा कि हम उससे बात कर रहे हैं और अपनी संबद्ध एजेंसियों के भी संपर्क में हैं। तथ्यों का पता लगाने के लिए तमाम सूचनाओं पर विचार किया जा रहा है, जबकि अब सूत्रों ने इसकी पुष्टि कर दी है कि इस युवती से पूछताछ के दौरान कुछ भी ऐसा सामने नहीं आया है जिससे लगता हो कि वह मानव बम बन कहर बरपाना चहती थी।
 
शेख से वर्ष 2015 में पुणे के आतंकवाद निरोधी दस्ते ने पूछताछ की थी क्योंकि यह पता चला था कि विदेशों में बसे आईएसआईएस समर्थकों के संपर्क में आने के बाद वह कट्टरपंथी हो गई है। एटीएस ने दावा किया था कि लड़की सीरिया जाने की योजना बना रही है, लेकिन बाद में 11वीं कक्षा में पढ़ने वाली इस लड़की को एटीएस ने ही कट्टरपंथ से छुटकारा दिलाने वाले कार्यक्रम में भर्ती कराया था।
 
 
बता दें कि जम्मू कश्मीर पुलिस ने कट्टरपंथ की तरफ कथित रुझान रखने वाली पुणे की एक लड़की को पकड़ा है। ऐसी खुफिया सूचना मिली थी कि वह प्रतिबंधित संगठन आईएसआईएस में शामिल होना चाहती है। पुलिस ने इस संबंध में यह जानकारी दी थी। पुलिस ने दावा किया कि पिछले साल नवंबर में 18 बरस की सादिया अनवर शेख पुणे से यहां आई थी और बिजबिहाड़ा में एक पेइंग गेस्ट के तौर पर रह रही थी। उसका इरादा आईएसआईएस में शामिल होने का था।
 
 
अधिकारियों ने बताया कि लड़की से गहन पूछताछ के दौरान उसका कट्टरपंथ की तरफ रुझान होने का पता चला। इतना जरूर था कि अब सारे मामले को सोशल मीडिया का दुष्प्रचार करार देकर कश्मीर पुलिस अपना पल्ला झाड़ चुकी है। राज्य पुलिस ने बताया कि उन्होंने लड़की की मां और एक अन्य संबंधी से संपर्क किया है और उसे उनके हवाले कर दिया जाएगा, क्योंकि उसके खिलाफ घाटी या महाराष्ट्र में कोई मामला दर्ज नहीं है।

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