kumbh mela prayagraj 2025 : महाशिवरात्रि के महास्नान के साथ ही महाकुंभ समाप्त हो जाएगा। एक नए रिकॉर्ड के साथ। प्रयागराज महाकुंभ में संगम और गंगा में डुबकी लगाने के लिए देश की करीब आधी आबादी पहुंची। कुंभ में व्यवस्थाओं और गंगा की शुद्धता को लेकर सवाल उठाए गए, लेकिन आस्था का सैलाब थमा नहीं। क्या बूढ़े, क्या बच्चे, क्या महिलाएं और पुरुष, सभी बस मां गंगा में एक डुबकी लगाना चाहते थे। भव्यता और दिव्यता प्रयागराज महाकुंभ में नजर आई। भगदड़ की घटना के बाद भी भीड़ कम होने का नाम नहीं ले रही थी। हालांकि हादसे के लिए सिर्फ सरकार, प्रशासन को नहीं कोसा जा सकता। अनुशासन और धैर्य रखना लोगों की भी जिम्मेदारी है। महाकुंभ में परेशानियों और चुनौतियों पर आस्था भारी दिखाई दी। श्रद्धालुओं का सैलाब देखकर जिम्मेदारों के हाथ-पैर भी फूले, लेकिन गंगा में डुबकी सिलसिला अनवरत चलता रहा।