आयोग की 3 सदस्यीय टीम ने गुरुकुल में गुरुवार को पड़ताल के बाद अपनी रिपोर्ट शुक्रवार को आयोग को सौंपने के बाद आयोग की अध्यक्ष सुमन शर्मा ने मीडिया को बताया कि गुरुकुल में कई अनियमितताए सामने आई हैं और गुरुकुल के अधिकारी इसके संचालन के लिए शिक्षा विभाग की एनओसी भी नहीं दिखा पाए। उन्होंने बताया कि आश्रम में स्थित स्कूल और कॉलेज का पिछले 3 साल से रजिस्ट्रेशन नवीनीकरण भी नहीं कराया गया है।
शर्मा ने बताया कि गुरुकुल में मौजूद बच्चियां 2 दिन पहले ही उदयपुर के पास कोटड़ा से यहां पहुंची हैं। दाती महाराज के हिसाब से करीब 800 बच्चियां हैं लेकिन इसका कोई रिकॉर्ड नहीं है। एक रजिस्टर में उनका नाम लिखा है। उसमें भी पिता का नाम कुछ और शपथ पत्र में अलग नाम बताए गए हैं। लड़कियों की उम्र भी गलत पाई गई है। उन्होंने बताया कि गुरुकुल में लड़कियां भी काफी डरी हुई हैं और उन्हें कुछ बताने से मना किया हुआ है।
उन्होंने बताया कि गुरुकुल की तरफ से कहा गया कि वहां अमूमन 800 लड़कियां रहती हैं लेकिन उनसे वर्तमान में लड़कियों की संख्या के बारे में पूछने पर बताया गया कि गुरुकुल में फिलहाल करीब 150 लड़कियां ही हैं। इसके बाद आयोग की टीम ने पड़ताल की तो वहां 253 लड़कियां मिलीं। गुरुकुल में इस दौरान कोई एनरॉलमेंट रजिस्टर भी नहीं मिला। दस्तावेजों की जांच में भी कई तरह की अनियमितताएं पाई गईं।
उल्लेखनीय है कि हाल में दाती महाराज की एक पूर्व शिष्या ने उनके खिलाफ उसके साथ दिल्ली एवं आलावास गुरुकुल में दुष्कर्म करने का हाल में नई दिल्ली में मामला दर्ज कराया था। इसके बाद दाती महाराज कुछ दिन तो पुलिस के समक्ष पेश होने से बचते रहे लेकिन 2 दिन पहले ही पुलिस के सामने पेश हुए और पुलिस ने उनसे पूछताछ की हैं। (वार्ता)