मंगलवार शाम गुरु पूर्णिमा के अवसर पर बाबा सर्वेश पुरी दीनदयाल, नारायण लाल के साथ शिव मंदिर में बैठे थे। इसी बीच अचानक शिव मूर्ति के पीछे बाघ दिखाई दिया। बाघ को देखते ही लोगों के शोर शराबे से आसपास के राहगीर इकट्ठे हो गए। कुछ देर बाद ही विनौर फार्म के निकट के किसान भी आ गए। मंदिर के पास बाघ होने से लोगों में दहशत फैल गई।
ग्रामीणों ने वन विभाग के अधिकारियों को बाघ आने की सूचना दे दी। कुछ देर बाद बाघ वहां से चला गया। इस क्षेत्र में बाघ करीब एक माह से चहल कदमी कर रहा है। वन विभाग के अधिकारी ने कहा कि वन कर्मियों को मौके पर भेजा गया है। उन्होंने ग्रामीणों को चौकस रहने को कहा है। अक्सर बारिश के समय बाघ जंगल से मैदानी इलाके में आ जाते हैं।