2 घंटे 10 मिनट लंबा बजट भाषण, कुछ अलग ही नजारा था संसद का

शुक्रवार, 5 जुलाई 2019 (17:25 IST)
नई दिल्ली। देश के इतिहास में सबसे लंबे बजट भाषण देने वाले वित्त मंत्रियों में शामिल हुईं निर्मला सीतारमण ने शुक्रवार को लोकसभा में हाथ जोड़कर अपना भाषण शुरू किया और अंग्रेजी में बजट पेश करते हुए बीच-बीच में हिंदी, उर्दू, संस्कृत और तमिल भाषा में भी अपनी बात रखी।
 
फाल्साई रंग की सुनहरी किनारी वाली साड़ी पहने हुए वित्तमंत्री ने अपने करीब सवा दो घंटे के भाषण में एक भी बार पानी नहीं पीया। पूर्व की परंपरा को छोड़ते हुए उन्होंने ‘बही खाता’ जैसे आवरण में रखे बजट दस्तावेज निकालकर बजट भाषण दिया। पहली पूर्णकालिक महिला वित्तमंत्री ने दो घंटे 10 मिनट तक भाषण पढ़ा और सबसे लंबे बजट भाषण देने वाले वित्त मंत्रियों में शामिल हो गईं।
 
आजादी के बाद से अब तक 88 केंद्रीय बजट पेश किए जा चुके हैं। सबसे लंबे और सर्वाधिक समय वाले बजट भाषणों की बात करें तो पूर्व वित्तमंत्री मनमोहन सिंह, अरुण जेटली और जसवंतसिंह के नाम लिए जा सकते हैं।
 
1991 में तत्कालीन वित्तमंत्री सिंह ने 18,177 शब्दों का लंबा बजट भाषण दिया था। जेटली ने 2014, 2016 और 2017 में लंबे बजट भाषण दिए थे। बजट पेश करने के लिए 2003 में तत्कालीन वित्तमंत्री जसवंत सिंह ने 2 घंटे 13 मिनट का समय लिया था। 
 
भाषण समाप्त होने के बाद लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने पहली पूर्णकालिक महिला वित्तमंत्री के तौर बजट पेश करने के लिए सीतारमण को बधाई दी और वित्तमंत्री ने हाथ जोड़कर उनका और सदन का अभिवादन किया।
 
नरेन्द्र मोदी ने किया उत्साहवर्धन : जब-जब वित्तमंत्री ने सरकार की उपलब्धियों और नयी योजनाओं का उल्लेख किया तब-तब सत्तापक्ष के सदस्यों ने मेजें थपथपाकर अभिनंदन किया। इस दौरान प्रधानमंत्री मोदी और अग्रिम पंक्ति में ही बैठे रक्षामंत्री राजनाथ सिंह और गृह मंत्री अमित शाह भी लगातार मेजें थपथपाकर वित्त मंत्री का उत्साहवर्धन करते रहे।
 
यहां दर्ज हुआ विपक्ष का विरोध : हालांकि जब वित्तमंत्री ने कर संबंधी घोषणाएं कीं, जब उन्होंने पेट्रोल, डीजल पर उपकर में प्रति लीटर एक रुपए की वृद्धि तथा सोने (गोल्ड) पर आयात शुल्क को 10 प्रतिशत से बढ़ाकर 12.5 प्रतिशत किए जाने का प्रस्ताव रखा और बैंक खाते से एक करोड़ रुपए से अधिक की निकासी पर दो प्रतिशत की दर से टीडीएस लगाए जाने की घोषणा की तो सदस्यों ने पहले की तरह मेजें नहीं थपथपाईं। इन घोषणाओं पर विपक्ष के कुछ सदस्यों ने विरोध दर्ज कराने का प्रयास किया।
 
मोदी सरकार के दूसरे कार्यकाल के पहले बजट भाषण के दौरान पहली बार चुनकर आये सांसदों का उत्साह देखते ही बन रहा था। सत्तापक्ष की ओर सीटें पूरी तरह भरी हुई थीं, वहीं विपक्षी खेमे में कुछ सीटें जरूर खाली थीं।
 
जब वित्तमंत्री ने नारी सशक्तीकरण की बात की और ‘नारी तू नारायणी’ के सूत्र को उद्धृत किया तो सदस्यों खासतौर पर महिला सांसदों के चेहरे पर मुस्कराहट साफ झलक रही थी। इस दौरान प्रधानमंत्री मोदी को भी मुस्कराते हुए देखा गया।
 
तमिलभाषी सीतारमण ने जब हथकरघा उद्यमों और शिल्पकारों तथा कारीगरों का उल्लेख करते हुए पूरा एक वाक्य शुद्ध हिंदी में पढ़ा तो सदस्यों ने देर तक मेजें थपथपाईं और कुछ सदस्य ‘बहुत बढ़िया’ कहते हुए भी सुने गए। 
 
यकीन हो तो रास्ता निकलता है : इसी तरह उन्होंने उर्दू में भी एक शेर पढ़ा और पढ़ते हुए खासतौर पर यह बात कही कि उनका उच्चारण गलत हो सकता है। हालांकि सदस्यों ने उनके शेर पढ़ने के बाद मेजें थपथपाईं। उन्होंने मंजूर हाशमी की शायरी के इस शेर को पढ़ा- ‘यकीन हो तो कोई रास्ता निकलता है, हवा की ओट लेकर भी चिराग जलता है।’ 
 
इस दौरान केंद्रीय मंत्री रामदास अठावले ने तुकांत अंदाज में एक लाइन पीछे से बोली, जो हमेशा कविता के अंदाज में ही अपना भाषण देने के लिए जाने जाते हैं। इस पर भी सदस्यों को हंसते हुए देखा गया। सीतारमण ने अपने भाषण में कई बातें दोहराईं और विशेष रूप से कुछ बातें दो बार कहीं।
 
विरोधियों ने भी थपथपाई मेज : सीतारमण ने जब एक तमिल कविता की कुछ पंक्तियां इसी भाषा में पढ़ीं तो द्रमुक के दयानिधि मारन और ए राजा समेत पार्टी के अन्य सदस्यों को भी मेजें थपथपाते हुए देखा गया। मोदी, शाह, राजनाथ सिंह और गडकरी भी इस दौरान मुस्कराते हुए दिखे।
 
बजट भाषण के अंत में वित्तमंत्री ने कहा कि बजट तैयार करने में बड़ी संख्या में नागरिकों के सुझावों से मदद मिली है। सदन में बजट और वित्त विधेयक पेश किये जाने और सदन की बैठक पूरे दिन के लिए स्थगित हो जाने के बाद प्रधानमंत्री मोदी ने वित्तमंत्री सीतारमण के पास जाकर उन्हें बधाई दी।
 
गृहमंत्री शाह, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, कपड़ा मंत्री स्मृति ईरानी और रेल मंत्री पीयूष गोयल समेत सत्तापक्ष के अनेक सदस्यों खासकर विभिन्न महिला सांसदों ने पहले बजट भाषण के लिए सीतारमण के पास जाकर उन्हें बधाई दी।
 
बजट भाषण के दौरान दर्शक दीर्घा के साथ ही विशेष दीर्घाएं भी भरी हुई थीं। इस दौरान वित्तमंत्री के माता-पिता और पुत्री भी विशेष दीर्घा में बैठकर उनके भाषण को सुन रहे थे।
 
माता-पिता का किया अभिवादन : इससे पहले वित्तमंत्री करीब 10:55 बजे सदन में पहुंचीं और कई महिला सांसदों ने उनके पास जाकर उन्हें बजट पेश करने के लिए शुभकामनाएं दीं। भाषण शुरू करने से पहले सीतारमण को विशेष दीर्घा में बैठी मां सावित्री और पिता नारायणन सीतारमण का अभिवादन करते हुए देखा गया। उनकी पत्रकार पुत्री वी. परकला भी अपनी मां का पहला बजट भाषण सुनने आई थीं।
 
राज्यसभा सदस्यों की दीर्घा भी पूरी तरह भरी हुई थी। डी राजा, कुमार केतकर, नरेंद्र जाधव, के अल्फोंस, माजिद मेनन, विनय सहस्रबुद्धे, सुरेंद्र नागर और स्वप्न दासगुप्ता समेत उच्च सदस्य के कई सदस्यों ने बजट भाषण सुना।
 
वित्तमंत्री सदन की बैठक स्थगित होने पर सभी सदस्यों के जाने के बाद वित्त राज्यमंत्री अनुराग ठाकुर और पेट्रोलियम मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के साथ कुछ देर तक बातचीत करते हुए देखी गईं और सबसे अंत में सदन से बाहर निकलीं।
 
विपक्षी पंक्तियों में सबसे आगे संप्रग अध्यक्ष सोनिया गांधी, कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी, नेकां के फारूक अब्दुल्ला, द्रमुक के ए. राजा, टीआर बालू और तृणमूल कांग्रेस के सुदीप बंदोपाध्याय आदि बैठे थे।
 
...और ये पिता-पुत्र गायब : सपा नेता मुलायम सिंह यादव और उनके बेटे अखिलेश यादव सदन में उपस्थित नहीं थे। कई मौकों पर विपक्षी सदस्यों को आपस में बात करते हुए भी देखा गया। बजट भाषण शुरू होने के कुछ मिनट बाद सदन में पहुंचे कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी को बीच-बीच में मोबाइल इस्तेमाल करते हुए देखा गया। उनके पास बैठीं उनकी मां सोनिया गांधी बजट भाषण समाप्त होने से कुछ मिनट पहले सदन से चली गईं।

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