Budget 2025 : मोदी सरकार के बजट पर क्या बोले राहुल गांधी, अखिलेश यादव और अरविंद केजरीवाल

वेबदुनिया न्यूज डेस्क

शनिवार, 1 फ़रवरी 2025 (18:38 IST)
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने वित्त वर्ष 2025- 2026 के लिए बजट पेश किया। इसमें मध्यम वर्ग को बड़ी राहत देते हुए 12 लाख रुपए की सालाना आय पर कर छूट की घोषणा की है, वहीं दूसरी तरफ बीमा क्षेत्र में एफडीआई सीमा बढ़ाने समेत अगली पीढ़ी के सुधारों को तेज करने का प्रस्ताव किया है। सीतारमण की इस घोषणा से करीब एक करोड़ और लोग कर के दायरे से बाहर हो जाएंगे। विपक्ष ने बजट को निराशाजनक बताया है। 
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गोली के घाव पर मरहमपट्टी : लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने आर्थिक संकट को हल करने के लिए बड़े बदलाव की जरूरत बतायी और इसी संदर्भ में शनिवार को संसद में पेश केंद्रीय बजट को गोली के घाव पर केवल मरहम पट्टी करार दिया। उन्होंने यह दावा भी किया कि सरकार विचारों के संदर्भ में दिवालिया हो चुकी है।
राहुल गांधी ने ‘एक्स’ पर पोस्ट किया, ‘‘गोली लगने के घाव के लिए एक मरहम पट्टी!’’ उन्होंने आरोप लगाया कि वैश्विक अनिश्चितता के बीच, हमारे आर्थिक संकट को हल करने के लिए एक आदर्श बदलाव की आवश्यकता है, लेकिन यह सरकार विचारों को लेकर दिवालिया है।
 
केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण की ओर से वित्त वर्ष 2025-26 के लिए पेश किए गए आम बजट पर अपनी प्रतिक्रिया में मोदी ने कहा कि आज देश ‘विकास भी, विरासत भी’ के मंत्र को लेकर चल रहा है और इस बजट में इसके लिए बहुत महत्वपूर्ण और ठोस कदम उठाए गए हैं। बजट में नई कर व्यवस्था के तहत 12 लाख रुपए तक वार्षिक आय को कर के दायरे से मुक्त रखा गया है।
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क्या बोले केजरीवाल : आम आदमी पार्टी (आप) के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने शनिवार को कहा कि वे इस बात से निराश हैं कि अरबपतियों के लिए ऋण माफी को समाप्त करने तथा बचाई गई धनराशि को मध्यम वर्ग और किसानों पर खर्च करने के उनके सुझाव को केंद्रीय बजट 2025-26 में पूरा नहीं किया गया। केजरीवाल ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा कि देश के खजाने का एक बड़ा हिस्सा चंद अमीर अरबपतियों के ऋण माफ करने में चला जाता है।’’
 
उन्होंने कहा कि मैंने मांग की थी कि बजट में ये ऐलान किया जाए कि आगे से किसी अरबपति के कर्ज माफ नहीं किए जाएंगे। इससे बचने वाले पैसे से मध्यम वर्ग के गृह कर्ज और वाहन कर्ज में छूट दी जाए, किसानों के कर्ज़े माफ किए जायें। आयकर और वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) आधे किए जायें। मुझे दुख है कि ये नहीं किया गया। 
 
संसद में अपना लगातार आठवां बजट पेश करते हुए, केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बीमा क्षेत्र में प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफडीआई) सीमा बढ़ाने और कर कानूनों को सरल बनाने सहित ‘‘अगली पीढ़ी’’ के सुधारों का खाका पेश किया।
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अखिलेश ने कहा- बजट का हर आंकड़ा झूठा : सपा मुखिया व पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने कहा कि हमारे लिए आज बजट के आंकड़ों से ज्यादा जान गंवाने (महाकुंभ भगदड़ में) वालों के आंकड़े महत्वपूर्ण हैं। जो सरकार जान गंवाने वालों, लापता लोगों के आंकड़े नहीं दे सकी। जिस सरकार को ये बताने में 17 घंटे से ज्यादा लग गए कि भगदड़ मची और लोगों की जान चली गई, जिनके पास ये सपना नहीं है, विजन नहीं है कि महाकुंभ के लिए कितना इंफ्रास्ट्रक्चर होना चाहिए। जब 40 करोड़ लोगों के लिए व्यवस्था करनी थी, तो आपने क्या व्यवस्था की। अखिलेश ने कहा कि ये सरकार झूठी है जो सरकार महाकुंभ का आयोजन नहीं कर सकती, आज के बजट में उसका हर आंकड़ा झूठा है। इनपुट भाषा Edited by : Sudhir Sharma

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