Health Alert - दोनों बाजुओं का BP मापना जरूरी!, अधिक अंतर होने पर जानलेवा बीमारियों का खतरा

ब्‍लड प्रेशर की बीमारी कोई सामान्‍य बीमारी नहीं है। इस बीमारी को कभी हल्‍के में नहीं लेना चाहिए। अगर आपको लगता है आपका ब्‍लड प्रेशर कम हो रहा है या बढ़ रहा है।  ऐसे में आराम करें और तुरंत डॉक्‍टर से संपर्क करें। लेकिन जब भी आपने डॉक्‍टर को चेकअप कराया होगा एक ही हाथ के बीपी की रीडिंग ली गई होगी। लेकिन अब शायद एक हाथ के बीपी की रीडिंग काफी नहीं होगी। हाल ही में एक रिसर्च में इस बात का खुलासा हुआ है। रिसर्च में सामने आया है कि दोनों हाथों के बीपी में अधिक असमानता आने पर, खतरे की घंटी है। 

230 लोगों पर रिसर्च

बि्रटेन में हुए शोध में सामने आया है कि हाई बीपी की समस्‍या होने पर दोनों हाथों के बीपी की रीडिंग होना जरूरी है। बहुत अधिक अंतर आने पर सावधान होने की जरूरत है। अधिक अंतर होने पर दिल की बीमारी, स्‍ट्रोक, ब्‍लॉकेज या अन्‍य बीमारी से समय से पहले मौत हो सकती है। 

ब्‍लॉकेज का संकेत

रिसर्च में सामने आया कि बीपी नापते समय दोनों हाथों के बीपी में बहुत अधिक अंतर नहीं हो। ऐसा होने पर आर्टरी में ब्‍लॉकेज के संकेत मान सकते हैं। पेरिफेरल आर्टरी में परेशानी होने पर दिल और दिमाग में ब्‍लॉकेज की समस्‍या बढ़ जाती है। इस वजह से हार्ट अटैक का खतरा बना रहता है।  साइंस मैगजीन द लैंसट द्वारा भी रिसर्च पब्लिश की गई थी जिसमें पहले ही इस बात का जिक्र किया जा चुका है। दोनों हाथ के बीपी में अंतर होने पर नस संबंधी बीमारी भी हो सकती है। जिस वजह से मौत की आशंका बढ़ जाती है।

ब्‍लड प्रेशर को कंट्रोल कर हो सकते हैं स्‍वस्‍थ्‍य

जी हां, बीपी की समस्‍या होने पर डॉ सबसे पहले लाइफस्‍टाइल में बदलाव करने के लिए कहते हैं। बीपी को संतुलित करने के लिए इस तरह से करें बदलाव -

-नियमित रूप से एक्‍सरसाइज करें।
-वजन को 5 से 10 फीसदी तक कंट्रोल करें।
-तनाव कम से कम लें।
-खाने में हरी सब्जियों का सेवन अधिक से अधिक करें।
-नियमित रूप से मेडिटेशन अवश्‍य करें।

 

वेबदुनिया पर पढ़ें

सम्बंधित जानकारी