तिवारी और उपाध्याय को राष्ट्रीय पत्रकारिता पुरस्कार

भारतीय पत्रकारिता के तीर्थ - माधवराव सप्रे स्मृति समाचार पत्र संग्रहालय एवं शोध-संस्थान, भोपाल ने वर्ष 2017 के राष्ट्रीय पत्रकारिता पुरस्कार के लिए श्री विजय मनोहर तिवारी का चयन किया है। समकालीन हिन्दी पत्रकारिता में श्री तिवारी ने श्रेष्ठ यायावर पत्रकार के रूप में प्रतिष्ठा अर्जित की है। ‘भारत की खोज में मेरे पांच साल’ मानवीय सरोकारों के प्रति चैतन्य पत्रकार के 25 रिपोर्ताज का जीवंत दस्तावेज है। डूब और विस्थापन की त्रासदी का शब्द चित्र प्रस्तुत करती ‘हरसूद 30 जून’ संवेदनशील पत्रकारिता का साक्ष्य है। 
 
भोपाल गैस रिसन त्रासदी की 25वीं बरसी पर आई ‘आधी रात का सच’ हृदय के तार झनझना देती है। श्री विजय मनोहर तिवारी को ‘माधवराव सप्रे राष्ट्रीय पत्रकारिता पुरस्कार’ प्रदान करने का निर्णय चयन समिति ने किया है। उन्हें 21,000/- रुपये मान-निधि, प्रशस्ति पत्र, शाल एवं लेखनी भेंट किए जाएंगे।
 
सांस्कृतिक पत्रकारिता के उजले हस्ताक्षर श्री विनय उपाध्याय को वर्ष 2017 का ‘महेश सृजन सम्मान’ प्रदान करने का निर्णय लिया गया है। गहन अभिरुचि, सतत अध्ययन-अध्यवसाय, कला-निष्ठा और कलाकार - संगति ने श्री उपाध्याय के कुशल पत्रकार, कला समीक्षक, कवि और उद्घोषक स्वरूप को गढ़ा है, संवारा है। श्री विनय उपाध्याय को 11,000/- रुपये मान निधि, प्रशस्ति पत्र, शाल एवं लेखनी भेंट किए जाएंगे।
 
पुरस्कारों की घोषणा सप्रे संग्रहालय की निदेशक डॉ. मंगला अनुजा ने की। चयन समिति में डॉ. शिवकुमार अवस्थी, डॉ. रत्नेश, राकेश दीक्षित, डॉ. राकेश पाठक और डॉ. मंगला अनुजा सम्मिलित थे।

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