Puja me galti ho to kya kare: सावन में 30 दिन तक शिव पूजा, नवरात्रि में 9 दिन की दुर्गा पूजा, गणेश उत्सव में 10 दिन की गणेश पूजा के साथ ही अन्य व्रत एवं पूजा के दौरान यदि गलती हो जाए तो क्या करना चाहिए? किस तरह गलती का प्रायश्चित करें और व्रत एवं पूजा का पूरा फल पा सकते हैं? इस संबंध में क्या कहता है शास्त्र नियम?
क्षमा मांगे: पूजा में दीपक बूझ जाए, तेल ढुल जाए, पूजा सामग्री में कोई कमी रह जाए, पूजा में कोई कमी रह जाए या फिर अन्य किसी प्रकार की गलती हो जाए तो घबराएं या डरे नहीं। अपने कुल देव, ईष्ट देव और जिसकी पूजा कर रहे हैं उनसे क्षमा याचना करें और क्षमा मंत्र बोलें। पूजा में क्षमा मांगने का संदेश ये है कि दैनिक जीवन में हमसे जब भी कोई गलती हो जाए तो हमें तुरंत ही क्षमा मांग लेनी चाहिए। क्षमा के इस भाव से अहंकार खत्म होता है और हमारे रिश्तों में प्रेम बना रहता है।
यत्पूजितं मया देव परिपूर्ण तदस्मतु।।
अर्थात: हे प्रभु। न मैं आपको बुलाना जानता हूं और न विदा करना। पूजा करना भी नहीं जानता। कृपा करके मुझे क्षमा करें। मुझे न मंत्र याद है और न ही क्रिया। मैं भक्ति करना भी नहीं जानता। यथासंभव पूजा कर रहा हूं, कृपया मेरी भूलों को क्षमा कर इस पूजा को पूर्णता प्रदान करें।
इस परंपरा का आशय यह है कि भगवान हर जगह है, उन्हें न आमंत्रित करना होता है और न विदा करना। यह जरूरी नहीं कि पूजा पूरी तरह से शास्त्रों में बताए गए नियमों के अनुसार ही हो, मंत्र और क्रिया दोनों में चूक हो सकती है। इसके बावजूद चूंकि मैं भक्त हूं और पूजा करना चाहता हूं, मुझसे चूक हो सकती है, लेकिन भगवान मुझे क्षमा करें। मेरा अहंकार दूर करें, क्योंकि मैं आपकी शरण में हूं।