अमेरिका के इंटरमाउंटेन मेडिकल सेंटर हार्ट इंस्टीट्यूट के अनुसंधानकर्ताओं ने पता लगाया कि जो लोग लंबी अवधि तक डॉक्टर के पास नहीं जाते और इस बीच उनके ऊपर वाले बीपी में 30 या 40 स्तर का उतार-चढ़ाव होता है तो उनकी ऐसे लोगों की तुलना में मौत की आशंका बढ़ जाती है, जिनका उतार-चढ़ाव का स्तर बहुत कम होता है।
अध्ययन में प्रमुख रूप से शामिल रहे क्लीमेंट्स ने कहा, ‘अध्ययन का निचोड़ यह है कि अगर आप किसी भी समय अपने रक्तचाप को अनियंत्रित होने देंगे या डॉक्टर के पास दो बार जाने के बीच में बीपी में बड़ा बदलाव देखते हैं तो आप अपने लिए दिल के दौरे, किडनी या हार्ट के फेल हो जाने और यहां तक कि मौत का खतरा बढ़ाते हैं।’