उन्होंने कहा कि इससे देश में लोकतांत्रिक चुनाव हो सकेंगे, एक व्यवहार्य सरकार सत्ता में आ सकेगी जिस पर लोगों का भरोसा हो और फिर शांति संधि पर उनके साथ बातचीत शुरू हो सकेगी। पुतिन ने कहा कि इस तरह का बाह्य शासन केवल एक विकल्प है, लेकिन उन्होंने इस बारे में विस्तार से नहीं बताया।
पुतिन की यह टिप्पणी फ्रांसीसी राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों द्वारा आयोजित शिखर सम्मेलन के समापन के कुछ घंटों बाद आई जिसमें अंतत: शांति समझौते को मजबूत करने के लिए यूक्रेन में सेना तैनात करने की योजना पर विचार किया गया। मैक्रों ने कहा कि फ्रांस और ब्रिटेन के साथ-साथ कई अन्य देश भी इस बल का हिस्सा बनना चाहते हैं। रूस ने चेतावनी दी है कि वह भावी शांति सेना के हिस्से के रूप में नाटो सदस्यों के किसी भी सैनिक को स्वीकार नहीं करेगा।(भाषा)