सत्ता के संग्राम में मध्य प्रदेश की इन 7 सीटों पर दिलचस्प मुकाबला, 6 मई को वोटिंग

विकास सिंह

रविवार, 5 मई 2019 (13:57 IST)
भोपाल। 6 मई को लोकसभा चुनाव के लिए पांचवे चरण की वोटिंग में मध्यप्रदेश की सात सीटों पर मतदान होगा। सूबे में लोकसभा चुनाव के लिए दूसरे चरण में होने वाले मतदान में बुंदेलखंड, विंध्य और मध्य की सात सीटों पर भाजपा और कांग्रेस में दिलचस्प मुकाबला देखने को मिल रहा है। 2014 में भाजपा ने मोदी लहर से इन सभी सातों सीटों पर जीत हासिल की थी तो कांग्रेस ने हाल में हुए विधानसभा चुनाव में वापसी करते हुए भाजपा को तगड़ी टक्कर दी है।
 
रीवा- कभी कांग्रेस के गढ़ के रुप में पहचाने जाने वाले विंध्य की दो प्रमुख लोकसभा सीटों सतना और रीवा में इस बार कांटे की टक्कर देखने को मिल रही है। रीवा में भाजपा ने वर्तमान सांसद जनार्दन मिश्रा पर फिर दांव लगाया तो कांग्रेस ने सुंदरलाल तिवारी के बेटे सिद्धार्थ तिवारी को अपना उम्मीदवार बनाया है। ब्राह्मण बाहुल्य वाली इस लोकसभा सीट में आठ विधानसभा सीट सिरमौर, मऊगंज, रीवा, सेमरिया, देवतलाब, गुढ़, त्यौंतर और मनगवां सीट शामिल हैं। जिसमें विधानसभा चुनाव में भाजपा ने सभी सीटों पर कब्जा किया था। इस बार इस सीट पर भी भाजपा और कांग्रेस दोनों ने ब्राह्मण चेहरों को चुनाव मैदान में उतारा है।
 
अगर 2014 के चुनाव नतीजों की बात करें तो भाजपा के जर्नादन मिश्रा ने कांग्रेस के सुंदरलाल तिवारी को एक लाख 68 हजार से अधिक वोटों से हराया था। इस बार रीवा लोकसभा सीट पर दिलचस्प मुकाबला देखने को मिल रहा है। कांग्रेस ने सुंदरलाल तिवारी के बेटे सिद्धार्थ तिवारी को मैदान में उतारकर सहानुभूति का कार्ड खेला है। वहीं भाजपा के सामने सबसे बड़ी चुनौती जर्नादन मिश्रा के खिलाफ एंटी इनकमबेंसी को रोकना है। भाजपा को पूरा जोर मोदी के चेहरे से भुनाना है।
 
सतना - विंध्य की दूसरी महत्त्वपूर्ण सीट सतना में मुकाबला कांग्रेस के राजाराम त्रिपाठी और भाजपा के गणेश सिंह के बीच है। भाजपा ने इस बार फिर अपने वर्तमान सांसद गणेश सिंह को मैदान में उतारा है तो कांग्रेस ने राजाराम त्रिपाठी पर दांव लगाया है। राजाराम त्रिपाठी तीन बार महापौर रहने के साथ बड़े कारोबारी भी हैं। 2014 के लोकसभा चुनाव में गणेश सिंह को 3,75,288 वोट और कांग्रेस उम्मीदवार अजय सिंह को 3,66,600 वोट मिले थे। वहीं इस बार कांग्रेस ने राजाराम त्रिपाठी का उतारकर ब्राह्मण वोटरों का रिझाने का बड़ा दांव चला है।
 
खजुराहो – मध्य प्रदेश में दूसरे चरण में खजुराहो सीट पर सबकी निगाह लगी है। पार्टी ने खजुराहो से प्रदेश महामंत्री वीडी शर्मा(विष्णुदत्त शर्मा) को टिकट देकर मैदान में उतारा है, जहां उनका मुकाबला कांग्रेस की कविता सिंह से है। टिकट मिलने के बाद पहले स्थानीय नेताओं के विरोध का सामने करने वाले वीडी शर्मा अपने चुनावी कैंपनिंग में नेताओं को साथ लेने में सफल हुए। वहीं कविता सिंह, कांग्रेस के विधायक विक्रम सिंह नातीराजा की पत्नी हैं, जिनकी स्थानीय स्तर पर पकड़ और स्थानीय और बाहरी का मुद्दा चुनाव में उनको फायदा दिला सकता है। खजुराहो सीट पर भाजपा की ओर से ब्राह्मण और कांग्रेस की ओर से क्षत्रिय उम्मीदवार उतारे जाने से जातिगत समीकरण बहुत अहम हो गए हैं।
 
दमोह – बुंदेलखंड की सबसे अहम सीट दमोह में भाजपा उम्मीदवार प्रहलाद पटेल और कांग्रेस के प्रताप लोधी के बीच मुकाबला है। 1989 से लगातार भाजपा के कब्जे वाली इस लोकसभा सीट पर भाजपा उम्मीदवार प्रहलाद पटेल दूसरी बाद मैदान में हैं। प्रहलाद पटेल भाजपा के बड़े चेहरे माने जाते हैं और पूर्व में केंद्रीय मंत्री भी रह चुके हैं। 2014 के लोकसभा चुनाव में प्रहलाद पटेल ने कांग्रेस के महेंद्र प्रताप सिंह को हराया था। इस बार लोकसभा चुनाव से ठीक पहले भाजपा के दिग्गज नेता रहे रामकृष्ण कुसमारिया भाजपा छोड़ कांग्रेस में शामिल हो गए थे। दमोह लोकसभा में आठ विधानसभा सीटें आती हैं, जिनमें चार पर कांग्रेस और तीन पर भाजपा और एक पर कांग्रेस का कब्जा है।
 
टीकमगढ़ – भाजपा ने टीकमगढ़ में एक बार फिर अपने पुराने चेहरे और केंद्रीय मंत्री वीरेंद्र खटीक पर भरोसा जताकर चुनाव मैदान में उतारा है तो कांग्रेस ने अपने पिछले बार के ही महिला चेहरे किरन अहिरवार को फिर उतार कर जातीय समीकरण को साधने का प्रयास किया है। छह बार के सांसद वीरेंद्र खटीक एक बार फिर मोदी के चहेरे के सहारे चुनावी मैदान में हैं तो बसपा ने आरडी प्रजापति को उतारकर भाजपा और कांग्रेस दोनों के समीकरण बिगाड़ दिए हैं।
 
बैतूल – बैतूल में भाजपा ने अपनी मौजूदा सांसद ज्योति ध्रुर्वे का टिकट काटकर संघ के करीबी दुर्गादास उइके को चुनावी मैदान में उतारा है तो कांग्रेस ने युवा चेहरे रामू टेकाम को अपना उम्मीदवार बनाया है। आदिवासी वोटरों के बाहुल्य वाली सीट बैतूल, संघ का गढ़ माना जाता है। इस सीट पर संघ की पसंद के उम्मीदवार उतारे जाने के बाद यहां सीधी टक्कर संघ और कांग्रेस में मानी जा रही है।
 
होशंगाबाद – नर्मदा किनारे की इस लोकसभा सीट पर भाजपा ने अपने वर्तमान सांसद राव उदय प्रताप को उतारा है तो कांग्रेस ने शैलेन्द्र दीवान को उतारा है। कांग्रेस की तरफ से शैलेन्द्र दीवान को उतारे जाने को स्थानीय सियासत के जानकार सही निर्णय नहीं बता रहे हैं। लोकसभा चुनाव में मध्य प्रदेश का होशंगाबाद ऐसी सीटों में शामिल है जहां प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी दोनों ही चुनाव प्रचार के लिए पहुंचे थे।  

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