स्टार्टअप महाकुंभ कार्यक्रम में कांत ने पश्चिमी मॉडल अपनाने के खिलाफ आगाह किया जिससे भारत की संस्कृति, पहचान और सभ्यता की ताकत को नुकसान हो सकता है। उन्होंने कहा कि देश को अपने स्वयं के डेटा सेट के आधार पर मॉडल तैयार करना चाहिए और पश्चिम के अंतर्निहित पूर्वाग्रहों से मुक्त होना चाहिए।
जी-20 शेरपा ने कहा कि भारत के लिए प्रौद्योगिकी की उन्नति में अपनी संप्रभुता बनाए रखना और आगे बढ़कर नेतृत्व करना बहुत महत्वपूर्ण है। हमें न तो पश्चिम का और न ही दुनिया के किसी अन्य देश का प्रौद्योगिकी उपनिवेश बनना चाहिए। हमें बहुत ही कम ऊर्जा खपत वाले, लागत प्रभावी तरीके से नवोन्मेष को गति देने की जरूरत है।
कांत ने डीपसीक के ओपन-सोर्स इनोवेशन जैसे उदाहरणों का हवाला देते हुए कहा कि कैसे चुस्त दृष्टिकोण कम लागत पर महत्वपूर्ण सफलताएं हासिल कर सकते हैं। उन्होंने इसके अलावा स्टार्टअप से डीप टेक, कृत्रिम मेधा, परिवहन, बैटरी भंडारण और ग्रीन हाइड्रोजन जैसे उभरते क्षेत्रों में बदलाव लाने और उनका दोहन करने का आग्रह किया।