दुश्मनों के टैंकों को पलक झपकते ही कर देंगे तबाह, IFA के बेड़े में आज शामिल होंगे 8 अपाचे लड़ाकू हेलीकॉप्टर

मंगलवार, 3 सितम्बर 2019 (07:46 IST)
भारतीय वायुसेना (Indian Air Force) और शक्तिशाली हो जाएगी जब उसके बेड़े में 8 अपाचे लड़ाकू हेलीकॉप्टर शामिल हो जाएंगे। अमेरिका (America) में बनाए गए 8 'अपाचे एएच-64ई लड़ाकू हेलीकॉप्टरों को आज (IFA) में शामिल किया जाएगा। एयर चीफ मार्शल बीएस धनोआ पठानकोट एयर फोर्स स्टेशन में आयोजित होने वाले इस समारोह के मुख्य अतिथि होंगे। अमेरिकी सेना इन हेलीकॉप्टर का प्रयोग करती है।
 
भारत सरकार ने हथियार बनाने वाली अमेरिकी कंपनी बोइंग के साथ 4168 करोड़ रुपए में 22 अपाचे हेलीकॉप्टर खरीदने का सौदा किया था। 2020 तक भारत को सारे 22 अपाचे हेलीकॉप्टर मिल जाएंगे।
 
इन्हें पठानकोट एयरबेस पर तैनात किया जाएगा। अनुच्छेद 370 हटाने के बाद भारत-पाकिस्तान के बीच तनाव के कारण अपाचे को पठानकोट एयरबेस पर तैनात करना रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है। 
 
अपाचे दुनिया के बहु-भूमिका वाले लड़ाकू हेलीकाप्टरों में से एक है। विभिन्न संहारक क्षमताओं से लैस अपाचे एएच-64 ई हेलीकॉप्टर से चीनी सीमाओं को भी कवर करना पहले के मुकाबले आसान हो जाएगा।
 
ये अपाचे एएच-64ई की खूबियां : अपाचे लड़ाकू हेलीकॉप्टर लगभग 280 किलोमीटर प्रतिघंटा की रफ्तार से उड़ान भरता है। इसकी सबसे खास बात यह है कि बेहतरीन डिजाइन के कारण इस हेलीकॉप्टर को रडार आसानी से पकड़ नहीं पाता है।
 
यह हेलीकॉप्टर करीब पौने तीन घंटे (2 घंटा 45 मिनट) तक उड़ान भरने में सक्षम है। यह हेलीकॉप्टर जब दुश्मन पर हमला करता है तो उसका बचना मुश्किल होता है। इससे आतंकियों के ट्रेनिंग कैंप से लेकर टैंक तक तबाह किए जा सकते हैं।
 
अपाचे दुनिया भर में मल्टी रोल कांबेट हेलीकॉप्टर के रूप में जाना जाता है। अपाचे को इस तरह से बनाया गया है कि यह दुश्‍मन की सीमा में घुसकर हमला करने में सक्षम है। दुनिया भर में अब तक 2,100 अपाचे हेलीकॉप्टरों की सप्लाई की गई है।

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