भारत की दोटूक, अभिनंदन को नुकसान पहुंचा तो होंगे गंभीर परिणाम

गुरुवार, 28 फ़रवरी 2019 (16:33 IST)
नई दिल्ली। भारत ने गुरुवार को पाकिस्तान को दोटूक शब्दों में चेतावनी दी कि विंग कमांडर अभिनंदन पर कोई सौदेबाजी करने के बजाय वह उन्हें तुरंत रिहा करे और यदि उन्हें कोई नुकसान पहुंचाया गया तो इसके गंभीर परिणाम होंगे।
 
सरकारी सूत्रों ने यहां कहा कि विंग कमांडर अभिनंदन भारतीय नागरिक और सुरक्षाकर्मी हैं। पाकिस्तान यदि चाहता है कि उनकी रिहाई को लेकर भारत कोई सौदेबाजी करेगा तो यह संभव नहीं है। पाकिस्तान की यह हसरत पूरी नहीं होगी। भारतीय पायलट की रिहाई बिना शर्त तुरंत की जानी चाहिए। भारत को यह मंजूर नहीं है कि विंग कमांडर अभिनंदन के साथ ऐसा दुर्व्यवहार किया जाए, जैसा वर्ष 1999 में विंग कमांडर आहूजा के साथ किया गया था। 
 
भारत ने कहा कि यदि ऐसा होगा तो भारत कार्रवाई करने से नहीं हिचकिचाएगा। उन्होंने कहा कि भारत पाकिस्तान के उस झांसे में नहीं आने वाला है जब इंडियन एयरलाइंस के विमान अपहरण के बाद पूरे देश में माहौल बदल गया था।
 
पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान की प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के साथ बातचीत की पेशकश के बारे में पूछे जाने पर सूत्रों ने कहा कि पहले पाकिस्तान को बातचीत का माहौल बनाना होगा और इसके लिए उसे आतंकवाद के खिलाफ ऐसी ठोस कार्रवाई करनी होगी जो स्पष्ट रूप से दिखाई दे। उन्होंने कहा कि भारत सरकार इससे कम किसी चीज पर विश्वास नहीं करेगी। 
 
सरकारी सूत्रों ने कहा कि पाकिस्तान लगातार झूठ पर झूठ बोल रहा है और युद्धोन्माद फैला रहा है। भारत ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय के सामने उसके सभी झूठों का पर्दाफाश किया है और अंतरराष्ट्रीय समुदाय ने भी इस बात को माना है। उन्होंने जोर देकर कहा कि भारत ने 26 फरवरी को जो कार्रवाई की उसका एकमात्र उद्देश्य पुलवामा हमले की जिम्मेदारी लेने वाले आतंकवादी संगठन जैश-ए-मोहम्मद के एक बडे शिविर को ध्वस्त करना था।
 
भारत ने बार-बार पाकिस्तान को आतंकी ढांचों के खिलाफ कार्रवाई करने को कहा था, लेकिन उसने कार्रवाई करने के बजाय इस बात को ही मानने से इंकार कर दिया कि पुलवामा हमले में जैश का हाथ था जबकि खुद जैश ने इसकी जिम्मेदारी ली थी। उन्होंने कहा कि  इस कार्रवाई में न तो किसी सैन्य ठिकाने को निशाना बनाया गया और न कोई सैनिक तथा निर्दोष नागरिक हताहत हुआ। भारत को विश्वसनीय जानकारी मिली थी कि जैश फिर से देश के कई स्थानों पर हमले की साजिश रच रहा है। इसके जवाब में यह कार्रवाई की गई और अंतरराष्ट्रीय समुदाय को इसके सबूत दिए गए हैं और उसने भारत का समर्थन भी किया है।
 
सूत्रों ने कहा कि भारत ने पाकिस्तान के प्रधानमंत्री के कहने पर पुलवामा हमले से जुड़े सभी सबूत दे दिए गए हैं और अब गेंद पाकिस्तान के पाले में है। पाकिस्तान के प्रधानमंत्री को अपनी कथनी को करनी में बदलना होगा। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान के कदमों से पता चल जाएगा कि युद्धोन्माद कौन फैला रहा है। पाकिस्तान ने समझौता एक्सप्रेस को बंद कर दिया है। अपने हवाई क्षेत्र को भी बंद कर दिया है। पूरे देश में आपात स्थिति जैसा माहौल बना दिया है जबकि भारत ने इस तरह का कोई कदम नहीं उठाया है।
 
उन्होंने कहा कि पाकिस्तान को यह स्पष्ट करना चाहिए कि उसने बुधवार सुबह भारतीय वायु सीमा का उल्लंघन किस उद्देश्य से किया।  क्या वह जैश के समर्थन में भारत पर हमला करने आया था या वह भारतीय सैन्य ठिकानों पर हमला करने आया था। इन दोनों ही स्थितियों में उसे अंतरराष्ट्रीय समुदाय को जवाब देना होगा।
 
सूत्रों ने जैश के सरगना मसूद अजहर को अंतरराष्ट्रीय आतंकवादी घोषित कर उस पर प्रतिबंध लगाने के संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के तीन स्थायी सदस्यों के प्रस्ताव का स्वागत करता है।

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