richest waqf board in india: देश में इन दिनों वक्फ बोर्ड को लेकर चर्चाओं का दौर चल रहा है। सरकार द्वारा लोकसभा और राज्य सभा में प्रस्तुत होने के बाद वक्फ (संशोधन) विधेयक बहुमत से मंजूर हो गया है है। गैर सरकारी संस्था के तौर पर इसमें देश की सबसे ज्यादा जमीन और संपत्ति मौजूद हैं। ऐसे में क्या आप जानना चाहते हैं कि आखिर वक्फ में किस राज्य या शहर की सबसे ज्यादा प्रॉपर्टी मौजूद है। अगर हां तो आइये इस लेख में जानते हैं।
देश का सबसे अमीर वक्फ कहां है
हाल के आंकड़ों की यदि बात करें तो भारत में वक्फ संपत्तियों की संख्या और उनका विवरण राज्य के आधार पर किया जाता है। इस हिसाब से वक्फ संपत्तियों की संख्या के आधार पर उत्तर प्रदेश शीर्ष पर आता है, जहां सुन्नी वक्फ बोर्ड के पास 1,24,735 वक्फ एस्टेट्स और 2,71,161 अचल संपत्तियां हैं।
कौन से शहर को कहा जाता है देश का वक्फ कैपिटल
राज्य के बाद बारी आती है सबसे अधिक वक्फ बोर्ड संपत्ति वाले शहर कौन की। तो यहां टॉप पर है मोतियों के शहर के नाम और बिरयानी के लिए मशहूर हैदराबाद । इस शहर में वक्फ के पास 77,000 प्रॉपर्टी है। इसलिए वजह से हैदराबाद को वक्फ कैपिटल भी कहा जाता है।
अब जानते हैं सबसे अमीर वक्फ बोर्ड कहां है. तो आपकी जानकारी के लिए बता दें कि तेलंगाना और आंध्र प्रदेश में वक्फ के पास 1.2 लाख प्रॉपर्टीज हैं। देश के सबसे अमीर वक्फ बोर्ड की लिस्ट में तेलंगाना का वक्फ बोर्ड सबसे ऊपर है। आंध्र प्रदेश के पास करीब 200 साल पुरानी ऐतिहासिक संपत्ति शाही मस्जिद मौजूद है।
क्या होता है वक्फ का मतलब
'वक्फ' अरबी भाषा के 'वकुफा' शब्द से बना है, जिसका अर्थ होता है, ठहरना या रोकना। कानूनी शब्दों में समझने की कोशिश करें तो वक्फ उसे कहते हैं, इस्लाम में कोई व्यक्ति जब धार्मिक वजहों से या ईश्वर के नाम पर अपनी प्रॉपर्टी दान करता है तो इसे प्रॉपर्टी को वक्फ कर देना यानी रोक देना कहते हैं। फिर वो चाहे कुछ रुपये हों प्रॉपर्टी हो, बहुमूल्य धातु हो या घर मकान या जमीन। दान की गई इस प्रॉपर्टी को अल्लाह की संपत्ति कहा जाता है और अपनी प्रॉपर्टी वक्फ को देने करने वाले व्यक्ति को वकिफा कहा जाता है।
बता दें कि वकिफा द्वारा दान की गई या वक्फ की गई इन संपत्तियों को बेचा नहीं जा सकता, इसका उपयोग धर्म के अलावा किसी और मकसद के लिए नहीं किया जा सकता। कहा जाता है कि मुस्लिम धर्मगुरु पैगंबर मोहम्मद के समय 600 खजूर के पेड़ों का एक बाग सबसे पहले वक्फ किया गया था और इससे होने वाली कमाई से मदीना के गरीबों की मदद की जाती थी।
भारत में वक्फ का इतिहास काफी पुराना है। इसका इतिहास 12वीं सदी में दिल्ली सल्तनत के समय से जुड़ा है और भारत में आजादी के बाद 1954 में पहली बार वक्फ एक्ट बना था और फिर साल 1995 में इस एक्ट में कुछ संशोधन किए गए थे। फिर नया वक्फ एक्ट बना और इसमें साल 2013 में भी कई बदलाव किए गए।