नई दिल्ली। भाजपा के नेताओं लाल कृष्ण आडवाणी, मुरली मनोहर जोशी और उमा भारती को वर्ष 1992 के बाबरी मस्जिद विध्वंस मामले में अदालती कार्यवाही का सामना करना पड़ेगा। उच्चतम न्यायालय ने बुधवार को सीबीआई की याचिका को स्वीकार कर लिया है और इन नेताओं के खिलाफ लगे आपराधिक साजिश के आरोपों को बहाल कर दिया है। अयोध्या मामले में सुप्रीम कोर्ट के फैसले की खास बातें...
* शीर्षस्थ अदालत ने मामले को रायबरेली से लखनऊ की स्पेशल कोर्ट को हस्तांतरित कर दिया है।
* कारसेवकों के मामले के साथ ही मुकदमा चलेगा।
* विशेष अदालत को दो साल में पूरी करनी होगी मामले की सुनवाई।
* मामले में विशेष अदालत रोजाना करेगी सुनवाई
* मामले की सुनवाई पूरी होने तक इससे जुड़े न्यायाधीश का ट्रांसफर नहीं होगा।
* मामले का ट्रायल वहीं से शुरू किया जाएगा, जहां पहले था।