Tirupati laddu controversy : विश्व प्रसिद्ध तिरुपति मंदिर के लड्डू प्रसाद में मिलावट पर आंध्रप्रदेश की सियासत गरमा गई है। आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू का दावा है कि लड्डू प्रसादम में पशु चर्बी मिलाई गई। लैब रिपोर्ट में इस दावे की पुष्टि हो गई। इस बीच राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री जगन मोहन रेड्डी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को चिट्ठी लिखकर CM चंद्रबाबू नायडू पर मंदिर की प्रतिष्ठा धूमिल करने का प्रयास करने का आरोप लगाया।
उन्होंने कहा कि चंद्रबाबू नायडू एक रोगग्रस्त और आदतन झूठ बोलने वाले व्यक्ति हैं, जो राजनीतिक उद्देश्यों के लिए करोड़ों लोगों की आस्था को ठेस पहुंचाने के लिए इस हद तक गिर गए हैं। यह जरूरी है कि झूठ फैलाने के उनके बेशर्म कृत्य के लिए नायडू को कड़ी फटकार लगाई जाए और सच्चाई को सामने लाया जाए। इससे नायडू द्वारा करोड़ों हिंदू भक्तों के मन में पैदा किए गए संदेह दूर होंगे और टीटीडी की पवित्रता में विश्वास बहाल होगा।
रेड्डी ने दावा किया कि मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू द्वारा तिरुमाला तिरुपति देवस्थानम की पवित्रता, अखंडता और प्रतिष्ठा को अपूरणीय क्षति पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है।
"Chandrababu Naidu a pathological and habitual liar has stooped so low as to seriously hurt the beliefs of crores of people purely for political objectives...It is imperative that Mr Naidu be reprimanded in severest way for his shameless act of spreading lies and the truth be… pic.twitter.com/LiYyUUeVXg
प्रायश्चित करेंगे पवन कल्याण : इस बीच राज्य के उप मुख्यमंत्री पवन कल्याण ने सोशल मीडिया साइट एक्स पर अपनी पोस्ट में कहा कि हमारी संस्कृति, आस्था, विश्वास और श्रद्धा की धर्मधुरी, श्री तिरुपति बालाजी धाम के प्रसाद में, कुत्सित प्रयासों के तहत, जो अपवित्रता का, संचार करने की कोशिश की गई, उससे मैं व्यक्तिगत स्तर पर, अत्यंत मर्माहत हूं, और सच कहूं तो, अंदर से अत्यंत छला गया, महसूस कर रहा हूं।
उन्होंने कहा कि प्रभु वेंकटेश्वर से, मेरी प्रार्थना है कि, इस दुःख के क्षण में हमें, और समस्त सनातनियों को, अपनी अहैतुकी कृपा से, सबलता प्रदान करें। मैं अभी इसी क्षण, भगवन से क्षमा प्रार्थी हो, प्रायश्चित दीक्षा हेतु, प्रण सिद्ध कर रहा हूं, और ग्यारह दिवसीय उपवास हेतु, धर्म संकल्पित हो रहा हूं।
पवन कल्याण ने कहा कि ग्यारह दिवसीय, प्रायश्चित दीक्षा, के उत्तरार्ध में, एक और दो अक्टूबर को, मैं तिरुपति जाकर, प्रभु के साक्षात दर्शन कर, क्षमा प्रार्थी हो, विनती करूंगा और तब, भगवन के समक्ष, मेरे प्रायश्चित दीक्षा की, पूर्णाहूति होगी।
गौरतलब है कि तिरुपति मंदिर का प्रबंधन करने वाले टीटीडी बोर्ड ने स्वीकार किया था कि गुणवत्ता के लिए जांचे गए लड्डू प्रसाद के नमूनों में घटिया घी और सुअर की चर्बी की मौजूदग पाई गई। लड्डू प्रसाद की पवित्रता बहाल कर दी गई है। अब इसमें कोई गड़बड़ नहीं है।
Edited by : Nrapendra Gupta